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12 घंटे पहले

  • हाथों को धोने के बाद एयर ड्रायर से मत सुखाएं, हाथ सुखाने और नल बंद करने के लिए टॉवेल का इस्तेमाल करें
  • एक्सपर्ट्स डॉ। अदित गिंडे के मुताबिक, हाथ ही सांस नली तक कीटाणु ले जाते हैं, इसलिए इसे जितना साफ रखें, उतना बेहतर है

बुकिंग में 240 करोड़ लोगों के हाथों को साफ नहीं रख पाए। 20 प्रति लोग केवल बुकिंग में हाथों की सफाई का ध्यान रखते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं, इस साल भले ही कोरोना के डर के कारण लोगों ने हाथों को साफ रखने की आदत डाल ली है लेकिन आगे भी संक्रामक रोगों से बचना है तो इस इस्तेमाल को बरकरार रखना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन और सीडीसी कहते हैं, संक्रमण खत्म करने के लिए हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोना जरूरी है।

ब्रिटेन में हुई रिसर्च के मुताबिक, कोरोना के संक्रमण का खतरा 90 फीसदी तक घटाना है तो दिन में कम से कम 6 बार हाथ धोएं और फंक्शन पाते हैं। गंदे हाथों से सबसे ज्यादा बीमारियाँ बच्चों में फैलती है, इनमें निमोनिया और डायरिया सबसे कॉमन है। विश्व बैंक की रिपोर्ट कहती है- हाथों को साफ न रखने के कारण रहने के देशों को 19 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।

आज ग्लोबल ब्रांड जेम्स डे है। इस साल की थीम है ‘ब्रांड्स हाइजीन फॉर ऑल’ यानी सभी को हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। आज से तय करेंगे दिनभर में कम से कम 6 बार हाथ धोने की आदत डाल जाएगी सिर्फ कोरोना से बचने के लिए नहीं, जीवनभर की बीमारियों से दूर रहने के लिए। जानिए हाथों को कैसे धोएं, कब धोएं और यह कितना जरूरी है …

दिन में कई बार साबुन से हाथों को धोना क्यों जरूरी, ये 4 फायदों से समझे

1. पेट और सांस की बीमारियों का खतरा कम करने के लिए हाथों की सफाई जरूरी है

मुम्बई के जसलोक अस्पताल की क्रिटिकल कैरियर सलाहकार डॉ। श्रुति टुंडन ने बताया- पेट की बीमारियां, सांस से जुड़ी बीमारी और संक्रमण के जरिए फैलने वाली बीमारियों से बचना है तो हाथों को धोना जरूरी है।
अगर हाथ काफी गंदे हैं या आपने किसी ऐसे इंसान को छुआ है, जिसके इम्युनिटी कम है तो हाथों को 3 मिनट तक करना चाहिए। यह नियम अस्पताल में फोल किया जा रहा है।

अगर आपके पास लिक्विड सोप है तो यह हाथों को धोने का और भी बेहतर विकल्प है। यदि एक ही साबुन कई लोग इस्तेमाल कर रहे हैं तो भी 3 मिनट तक हाथों को धोएं।

2. सैनेटाइजर का अधिक इस्तेमाल से हाथों में दाने, खुजली और बदबू बढ़ सकती है
स्किन एक्सपर्ट्स डॉ। यू.एस. अग्रवाल कहते हैं, हाथों को साफ करने के लिए साबुन-पानी ही सबसे बेहतर विकल्प है। अधिक सैनेटाइजर का उपयोग करने से। इसमें मौजूद एथेनॉल, एन-प्रोपेनॉल, आइसोप्रोपिल अनुवाद एल्कोहल हाथों की प्राकृतिक नमी को नष्ट करते हैं। रसायनल के कारण रोमछिद्र शुष्क हो जाते हैं। सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल करने पर स्किन एलर्जी, सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। यह हाथों में दाने, खरोंच और खुरदरेपन की वजह भी बन सकता है।

3. सिर्फ कोरोना ही नहीं कई खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया से भी बचाव होगा
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट कहती है, अक्सर स्वास्थ्य कैर वर्कर्स से संक्रमण रोगी तक फैलने का खतरा रहता है। हॉस्पिटल्स में भर्ती में रोगी अक्सर समझ नहीं पाता है कि वह नए संक्रमण से भी जूझ रहे हैं। इसलिए हाथों को साफ रखना जरूरी है। हेल्थ कैर स्टाफ के माध्यम से कुछ वायरस और बैक्टीरिया का संक्रमण फैल सकता है। इसके कुछ उदाहरण हैं- हेपेटाइटिस-एइरस, नोरोवायरस, रोटावायरस, एडिनोवायरस, कैंडिला, स्यूडोमोनास और स्टेनलोकोकस ऑरेयस।

4. दिन में 6 बार हाथों को साबुन से धोते हैं तो कोरोना का टोन 90% घटता है
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की रिसर्च कहती है दिन में कम से कम 6 बार साबुन से हाथ धोते हैं और वर्क लगाते हैं तो कोरोना का टोन 90% तक खत्म किया जा सकता है। 1663 लोगों पर रिसर्च करने के बाद यह बात साबित भी हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है, महामारी के इस दौर में दिन में कम से कम 6 बार और अधिकतम 10 बार हाथ धोना जरूरी है।

हाथ कब-कब धोना है ये भी समझते हैं
आमतौर पर घर से निकलने से पहले और अपनी मंजिल पहुंचने के बाद हाथ जरूर धोएं। खाने बनाने, खाने से पहले और खाना बनाने के बाद हाथ धोएं। घर में सफाई के बाद, बच्चे का डायपर बदलने के बाद, शॉपिंग कार्ट छूने के बाद, बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद, खांसने या छींकने के बाद, पालतू जानवर को छूने के बाद और कचरा फेंकने के बाद भी हाथ धोना जरूरी है।

स्वदेस फाउंडेशन की को-एक्टिवर जरीना स्क्रूवाला कहती हैं, नेशनल सैम्पल डेवलपर 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी ग्रामीण क्षेत्र में 70 फीसदी लोग खाना खाने से पहले साबुन से हाथ नहीं धोते हैं। हालांकि महामारी के इस दौर में हाथ को धोने और साफ रखने की आदत में सुधार हुआ है। हम लोगों ने जिन कम्युनिटी में ब्रांडों को उपलब्ध कराया है, वहां हाथ धोने के आंकड़े बढ़े हैं। हमारा अभियान निश्चित रूप से उनकी मदद करेगा।

हाथ साफ करते समय 20 गिन गिनिए
संक्रमण से बचाव को बचाव का सबसे बेहतर तरीका है कि बार-बार हाथ धोएं, लेकिन ज्यादातर लोग इसका सही तरीका नहीं जानते हैं। इसके लिए अपने हाथ में पानी और साबुन लें। 20 तक उल्टी गिनती शुरू करें और इस दौरान पाठक और नाखूनों को अच्छे से धोएं। हाथ को एयर ड्रायर से मत सुखाएं, यह एक बड़ी गलती है। हाथ सुखाने के लिए टॉवेल का इस्तेमाल करें और नल बंद करने के लिए भी तौले का इस्तेमाल करें ताकि फिर से हाथ में संक्रमण का खतरा हो।

कोलोराडो स्कूल ऑफ मेडिसन के प्रोफेसर डॉ। अदित गिंडे के मुताबिक, आपके हाथ ही सांस नली तक सभी कीटाणु को ले जाते हैं, इसलिए इसे जितना साफ रखना चाहिए उतना बेहतर है।]

12 साल का हुआ ग्लोबल ब्रांड माइक्रोसॉफ्ट डे
ग्लोबल सप्ताह कृष्णा डे की नींव अगस्त 2008 में स्वीडन के स्टॉकहोम में विश्व जल वीक के दौरान पड़ी। पहली बार यह दिन 15 अक्टूबर 2008 को सेलिब्रेट किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन की शुरुआत की। इस पहल की शुरुआत के कारण 2008 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ सैनिटाइजेशन भी घोषित किया गया।

इस दिन को मनाने जाने का उद्देश्य हाथों के माध्यम से फैलने वाले बैक्टीरिया, वायरस और अन्य विषाणुओं को रोकना है। पहली बार यह दिन स्कूली बच्चों के बीच सेलिब्रेट किया गया था।





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By GAUTAM

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