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PATNA : (देवघर) सुल्तानगंज से बैद्यनाथधाम पैदल गंगाजल लेकर आ रहे कांवरियों को कांवरिया पथ स्थित झारखंड के प्रवेश द्वार पर पुलिस ने रोका, तो कांवरियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. दरअसल, एक दिन पहले ही दुम्मा में बिहार गेट पर झारखंड पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी थी. कांवरिया गेट पार नहीं कर पाये और गेट पर ही जलार्पण कर वापस सुल्तानगंज की ओर लौट गये. शनिवार रात करीब ढाई बजे 25 कांवरियों का जत्था पैदल सुल्तानगंज से दुम्मा पहुंचा था. यहां पहले से पुलिस कैंप कर रही थी. कांवरिये नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग को हटाने की मांग कर रहे थे. जब पुलिस के जवानों ने मंदिर बंद रहने व प्रवेश वर्जित रहने की जानकारी दी, तो कांवरिये आक्रोशित हो गये. उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी. कांवरियों को उत्तेजित देख पुलिस के सभी जवान किनारे हट गये, लेकिन बैरिकेडिंग नहीं हटायी. इसकी सूचना मिलने पर रिखिया थाना प्रभारी राजीव कुमार व एएसआइ मनीष कुमार पहुंचे. करीब एक घंटे तक कांवरिये अपनी मांग पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने अंतिम समय तक गेट नहीं खोला. अंतत: सभी कांवरिया ने बिहार गेट पर ही जलाभिषेक कर बोल बम का जयकारा लगाया और वहां से लौट गये. सभी कांवरिये बाबा मंदिर के दरवाजे पर जलाभिषेक कर वापस जमशेदपुर लौटने की बात कह रहे थे.

गुरु पूर्णिमा पर जलाभिषेक करने पांच कांवरिये पैदल सुल्तानगंज से दोपहर तीन बजे दुम्मा गेट पहुंच गये. बैरिकेडिंग की वजह से कांवरिये आगे नहीं बढ़ पाये. पुलिस के जवानों ने कांवरियों को बताया कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर के कपाट बंद हैं. इसके बाद सारे कांवरिये कुछ देर बाद लौट गये. इन कांवरियों का कहना था श्रावणी मेला सोमवार से है. गुरु पूर्णिमा के दिन तो मंदिर में जलार्पण करने दिया जाना चाहिए था. कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए पूरे शहर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. मंदिर प्रशासक सह उपायुक्त नैंसी सहाय के निर्देश पर शिवगंगा में भक्तों के स्नान करने पर भी रोक लगा दी गयी है. इसके लिए शिवगंगा के चारों ओर घेराबंदी की जा रही है. दो तरफ घेराबंदी का काम पूरा हो चुका है. सोमवार से श्रावण मास शुरू हो रहा है. ऐसे में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शिवगंगा को चारों ओर से बांस व ग्रिल से घेरा जा रहा है. सुबह से देर रात तक घेराबंदी का कार्य किया जा रहा है.



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