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  • जापान चीन | जापान दक्षिण चीन सीयूडेट में जापान बनाम चीन; कोनाक गार्डुन्स के पास कोस्ट गार्ड्स चेतावनी दो चीनी जहाजों

फोटो साउथ चाइना सी में सेनकाकू आईलैंड के पास गश्त करते जापान कोस्ट गार्ड के जहाजों की हैं। बीते कुछ समय से इसने अपने समुद्री इलाके में गश्त तेज कर दी है। -फाइल फोटो

  • चीन के दो जहाज रविवार सुबह से शाम तक जापान के समुद्री इलाके में रहे, जिनके बाद उन्हें वापस लौटने को कहा गया
  • इस साल अब तक 18 बार चीन के गश्ती जहाज सेनकाकू आइलैंड के पास जापान की समुद्री सीमा में तेजी कर रहे हैं

दक्षिण बालना सी में चीन की दादागिरी के खिलाफ इसके पड़ोसी देशों ने बोलना शुरू कर दिया है। जापान ने रविवार को सेनकाकू आईलैंड के पास अपनी सीमा में घुस आए चीन के दो जहाजों को तुरंत वापस देखने की चेतावनी दी, जिसके बाद वे अपनी सीमा में लौट आए। एनएचके वर्ल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के गश्ती करने वाले तीन जहाज जापान की एक मछली पकड़ने वाली नाव का पीछा कर रहे थे। इनमें से दो जापान की समुद्री सीमा में घुस आए। ये जहाज सुबह से शाम तक जापान के समुद्री इलाके में रहा, जिसके बाद जापान कोस्ट गार्ड ने उन्हें वापस लौटने को कहा।

28 अगस्त के बाद यह पहला मौका था जब चीन के जहाज जापान की सीमा में घुसे थे। इस साल अब तक 18 बार चीन के गश्ती जहाज जापानी की समुद्री सीमा में तेजी कर रहे हैं। चीन के जहाजों की हरकतों को देखते हुए जापान ने अपने आंतरिक मरीन बॉर्डर पर बीते कुछ महीनों से गश्त तेज कर दी है। एक दिन पहले ही मलेशिया ने भी चीन की मछली पकड़ने वाली 6 नावें दूर कर ली थी।

मलेशिया ने अपने समुद्री क्षेत्र से चीन के 60 लोगों को पकड़ा था

मलेशिया ने भी दक्षिण बालना सी में चीन को चुनौती दी है। मलेशिया की मैरीरीन इंफोर्समेंट एजेंसी (एमएमईए) ने शुक्रवार को चीन की 6 मछली पकड़ने वाली नावों को डूबने से रोक दिया। ये नावें मलेशिया की समुद्री सीमा में स्थित जोहोर की खाड़ी में अवैध कानूनी तरीके से घुस आईं थीं। इन पर सवार 60 चीनी नागरिकों को भी हिरासत में ले लिया गया था। एमएमईए के तनुजुंग सिडिल ज़ोन के डायरेक्टर कैप्टन मोहम्मद जुल्ली नली ने कहा था कि समुद्री क्षेत्र में ऑपरेशन चलाने के दौरान दो अलग-अलग जगहों पर चीन की नौकाएं नजर आईं थी। इसके बाद कार्रवाई की गई।

सेनकाकू आइलैंड काे बारे में चीन-जापान में विवाद है

जापान के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में ही सेनककु या दायाउलैंड है। यही चीन के साथ जापान के विवाद की वजह है। वर्तमान में यहां जापान का कब्जा है, लेकिन चीन पर इस पर अपना दावा करता है। यह दक्षिण चीन सागर के पास है। इस द्वीप के पास 12 मील का आंतरिक वायु मार्ग भी है। हालाँकि, चीन इसे मानता नहीं है और अक्सर जापान के एयर स्पेस में घुस आता है। यह देखता है कि जापानी एयरफोर्स को हमेशा संपर्क रहना होता है।

चीन के नियमों को तोड़ने से इनकार करता है

चीन पहले कुछ मौकों पर कह रहा है कि उसने सेनकाकू आइलैंड के पास कोई नियम नहीं तोड़ा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन के मुताबिक, यह द्वीप शुरुआत से चीन का हिस्सा रहा है। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अटल हैं। यहाँ पर हमारी सेना के प्लेन्स अपनी रूटीन उड़ाने भरते हैं। हमारी नौसेना भी नियमित तौर पर पैट्रोलिंग करती है। यह किसी भी तरह से आंतरिक कानून का उल्लंघन नहीं है। इससे किसी देश को कोई खतरा नहीं है।





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By GAUTAM

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