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  • मॉरीशस के तट पर फंसे कच्चे तेल के साथ एक जहाज लादेन दो टुकड़ों में टूट सकता है, एक हजार मीट्रिक टन तेल पहले ही लीक हो चुका है

पोर्ट लुइस8 घंटे पहले

मॉरिसस के समुद्री तट पर फंसा कच्चे तेल से लदा जापानी कार्गो शिप एमवी वप्रियो अब धीरे-धीरे डूबने लगा।]ऐसे में इससे तेल रिसाव का खतरा भी बढ़ रहा है।

  • जापाना का जहाज एमवी वप्रियो 25 जुलाई से हिंद महासागर में मॉरिसस के समुद्री तट पर फंसा है
  • समुद्र की ऊपरी सतह से तेल की सफाई करने में जुटे वालंटियर्स को जहाज में दरारें नजर आईं

हिंद महासागर में मॉरिशस के तट पर 25 जुलाई से फैंस जापान का जहाज अब कभी भी टुकड़ों में बंट सकता है। इस जहाज पर 2500 मिलियन टन तेल है। इसमें से एक हजार टन तेल रिस कर फैल चुका है। समुद्री सतह से तेल की सफाई करने में जुटे वालंटियर्स को मंगलवार को जहाज में न्यू लिफ्टें नजर आईं। अगर यह जहाज टूटता है तो इससे हजारों समुद्री जीव मारे जाने का खतरा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी काफी नुकसान होगा। समुद्र की सफाई आसान नहीं होगी।

जापान के जहाज एमवी प्रकाशियो की यह फोटो 7 अगस्त की है। इस जहाज की निचली सतह में लगभग दो सप्ताह पहले दरार आई थी। अब न्यूफ़्टेंड सामने आईं हैं। आशंका है कि यह जहाज दो टुकड़ों में बंट सकता है। (फोटो सोर्स-सीएनएन)

५००० टन के बिना तेल के जहाज पर

मॉरिसस के सांसद सुनील द्वारका सिंह के मुताबिक, इस पर तेल से भरे तीन टैंक हैं। इनमें से एक टैंक से तेल का टिप शुरू हुआ था। वर्तमान में, इस टैंक की मरम्मत कर दी गई है। फंसे हुए जहाज से दूसरे जहाजों और टैंकों की मदद से तेल निकालने का ऑपरेशन जारी है। कोशिश की जा रही है कि जहाज के टूटने से पहले सारा कच्चा तेल इससे निकाल लिया जाए। अब भी जहाज पर 2500 मिट्रिक टन कच्चा तेल है। मौसम अच्छा होने की वजह से जहाज को खाली करने का काम तेजी से किया जा रहा है।

जापानी कार्गो शिप से दूसरे जहाजों की मदद से कच्चे तेल को हटाने का काम जारी है। अब भी इस पर हजारों टन टन तेल लदा है। (फोटो सोर्स-सीएनएन)

मॉरिसस ने एनवॉयरमेंटटल इमरजेंसी घोषित की

मॉरीशस के प्रधान मनोरंजन जगन्नाथ ने इस मामले पर 8 अगस्त को एनवॉयरमेंटटल इमरजेंसी यानी पर्यावरण प्लंबर का ऐलान किया था। देश के पर्यावरण मंत्री केवी रमनाओ ने कहा है कि यह हमारे देश के पर्यावरण से जुड़ा बड़ा संकट है। जहाज से तेल का भरी ऐसी जगह पर हुआ है जो ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और द्वीप के पास है। इससे मरीन रिजर्व पार्क के समुद्री जीवों और पौधों की कई वस्तुओं को खतरा है। आसपास कई समुद्री तट ऐसे हैं, जहां पर बड़ी तादाद में टूरिस्ट पहुंचते हैं। टिप के बाद मॉरीशस के कई समुद्री इलाकों पर पानी का रंग काला हो गया है।

आकाश से ली गई यह तस्वीर मॉरिशस के ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व की है। इसमें नजर आ रही है कि टिप के बाद समुद्री सतह का रंग बदल गया है। (फोटो सोर्स-सीएनएन)

फ्रांस और जापान ने अपनी टीमें मॉरिशस भीज़ की

फ्रांस के प्रधानमंत्री इम्मैनुएल मैक्रों ने अपनी रेस्पॉन्स टीमों को मॉरिशस छोड़ कर दिया है। जापान ने भी अपनी 6 सदस्यों वाली डिजास्टर रिलेफ टीम भेजी है। तेल की सफाई के लिए 400 सी बास को भी लगाया गया है। इसके साथ ही हजारों वॉलंटियर्स भी इसमें मदद कर रहे हैं। मॉरिसस ने मामला सामने आने के बाद इससे सामना करने के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने की बात कही थी और जापान और फ्रांस से मदद की अपील की थी।

मॉरिसस के तट पर कच्चे तेल को समुद्र से निकालने में जुटा एक वालंटियर। हजारों लोग मदद करने के लिए आगे आए हैं। (फोटो स्रोत-सीएनएन)

खराब मौसम की वजह से जहाज को नुकसान हुआ था

कार्गो शिप एमवी वप्रियो जापानी कंपनी मिटासुई ओसके लाइन्स की है। चीन से बार्सिलोना जाने के दौरान खराब मौसम की वजह से इस जहाज में दो हफ्ते पहले कुछ तकनीकी खराबी आई थी। निचली सतह में दरार की भी जानकारी मिली। इसके बाद से शिप को खाली किए जाने के लिए मशक्कत जारी है। कंपनी ने तेल रिसने की वजह से हुए नुकसान को लेकर माफी मांगी है। कंपनी ने कहा है कि उसने मॉरिसस सरकार की मदद के लिए एक्सपर्ट टीम भेजने का फैसला किया है।

मॉरिसस के एक बीच से समुद्र में फंसे जहाज को लोग देखते हैं। जहाज से तेल का कटोरा ऐसी जगह पर हुआ है जो ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और द्वीप के पास है

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By GAUTAM

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