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वॉशिंगटन7 मिनट पहले

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दक्षिण चाउना सी इंडोनेशिया और वियतनाम के बीच 35 लाख वर्ग किमी में फैला है। चीन ने इस क्षेत्र में बंदरगाह और सैन्य क्षेत्र भी बनाए रखे हैं। (फाइल फोटो)

  • पोम्पियो ने कहा- दक्षिण बालना सी विवाद को आंतरिक कानून के जरिए हल किया जाना चाहिए
  • ब्रुनेई, मलेशिया, फ्रांस, ताइवान और वियतनाम चीन के जल क्षेत्र पर दावों का विरोध करते हैं

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को कहा कि दक्षिण बालना सी। चीन का जल साम्राज्य नहीं है। इस पर हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट है। उधर, ऑस्ट्रेलिया ने इस जल क्षेत्र में चीन दावों को खारिज कर दिया है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने दावा किया कि चीन इस क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों पर अपना दावा करता है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। हालाँकि, इस पर चीन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं है।

पोम्पियो ने कहा कि यदि चीन आंतरिक कानून का उल्लंघन करता है और देश कुछ नहीं करते हैं, तो वह इस क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा कर लेगा। इस विवाद को आंतरिक कानून के जरिए हल किया जाना चाहिए। इससे पहले अमेरिका ने इस क्षेत्र में चीन की हरकतों पर अवैधकानूनी बताया था।

दशकों से इस क्षेत्र को लेकर विवाद रहा है। लेकिन, हाल के वर्षों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वह जिस बड़े क्षेत्र पर दावा करता है, वह डैश नौ-संगमरमर रेखा ’के रूप में जाता है। उसने इस इलाके में सैनिकों की पेट्रोलिंग को सही ठहराया है। ब्रुनेई, मलेशिया, फ्रांस, ताइवान और वियतनाम चीन के दावों का विरोध करते हैं। चीन का कहना है कि वह इस क्षेत्र में शांति चाहता है।

2016 का फैसला चीन के खिलाफ

2016 में अंतर्राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने चीन के खिलाफ फैसला सुनाया था। कहा गया था कि समुद्र के जल और संसाधनों पर ऐतिहासिक रूप से किसी एक देश के नियंत्रण के कोई सबूत नहीं हैं। हालांकि, चीन ने निर्णय को खारिज कर दिया।

साउथ चाइना सी विवाद क्या है

दक्षिण चाइना सी का यह इलाका इंडोनेशिया और वियतनाम के बीच है, जो करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है। माना जाता है कि इस इलाके में स्थित पारसेल्स और स्प्रैसिल्स आईलैंड को लेकर विवाद ज्यादा है। जानकारी के मुताबिक, इन द्वीपों के आसपास के प्राकृतिक संसाधनों का भंडार हो सकता है। यहां कई प्रकार की मछलियां भी पाई जाती हैं। हाल के कुछ वर्षों में चीन इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए बंदरगाह बनाए रखता है। साथ ही एक आर्टिफिशियल द्वीप मेकर सैन्य हा का निर्माण किया। चीन इस इलाके को अपना बताता है और आंतरिक कानून को मानने से इनकार करता है।

चीन, ताइवान सहित 6 देशों का दावा

दक्षिण चाइना सी एशिया के दक्षिण-पूर्व का इलाका है। इस क्षेत्र में चीन के अलावा एमबी, ताइवान, मलेशिया, वियतनाम और ब्रूनेई भी अपना दावा करते हैं। चीन इसके दक्षिण भाग में है, जबकि ताइवान दक्षिण-पूर्वी भाग पर अपना दावा करता है। इसके पश्चिमी तट पर स्टॉक है, जबकि पूर्वी तट वियतनाम और कंबोडिया से सटा है। वहीं, उत्तरी भाग में इंडोनेशिया है।

साउथ चाइना सी इतना जरूरी क्यों?

कई देशों से जुड़े होने के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बहुत अधिक है। यह दुनिया के सबसे बिजी जलमार्गों में से एक है। जानकारी के मुताबिक, हर साल इस मार्ग से पांच ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस होता है, जो दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का 20% है। यहां पारसेल द्वीप पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैसों का भंडार है। साथ ही इस क्षेत्र में कई प्रकार की मछलियां पाई जाती हैं। व्यवसाय के लिहाज से यह इलाका बेहद महत्वपूर्ण है।

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By GAUTAM

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