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  • अमेरिका ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली बम कैसल ब्रावो को बनाया, इसमें रूस ने सात साल में प्रतिस्पर्धा करने के लिए सार बम को बनाया

मॉस्कोएक घंटा पहले

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इस बम के विस्फोट से रिक्टियर स्क पर 5 की तीव्रता का टीका आता है और इसे खोजने में महसूस किया जाता है। (फाइल फोटो)

  • इस बम के विस्फोट से रिक्टर स्केल 5 तीव्रता वाला भूकंप आता है, पूरी दुनिया में महसूस कर सकते हैं
  • बॉम्बर से पैराशूट के जरिए बम को गिराया गया था, ताकि बॉम्बर को दूर जाने का वक्त मिल सके

रूस द्वारा दुनिया का सबसे शक्तिशाली बम सार बॉम्बा बनाने के पीछे की वजह अमेरिका है। 1954 में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध चरम पर था। तत्कालीन सोवियत संघ ने अमेरिका के हीटरोन्यूक्लियर डिवाइस जेसन ब्रावो को टक्कर देने के लिए यह बम बनाया था।

उस वक्त अमेरिका ने डिवाइस का मार्शल आइलैंड पर परीक्षण किया था। 15 मेगाटन का यह उपकरण उस दौर के परमाणु बमों में सर्वाधिक शक्तिशाली था। तत्कालीन सोवियत संघ को जब यह पता लगा तो उसने अमेरिका को टक्कर देने का फैसला लिया।

इस परमाणु बम को पहले ट्रेन के जरिए ओलेन्या एयरबेस ले जाया गया जहां से उसे लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम टीयू -95 पर लादा गया। 30 अक्टूबर 1961 को इस बॉम्बर ने उड़ान भरी और लगभग 965 किमी का सफर करके सेवेर्नी द्वीप पहुंची।

बम धीरे-धीरे धरती पर गिरा

यह द्वीप आर्कटिक के काफी अंदर है। बॉम्बर ने बम को गिरा दिया, इसमें एक पैराशूट लगा था। इससे बम धीरे-धीरे पृथ्वी पर गिरा और विमान को इतना समय मिल गया कि वह विस्फोट की जद में नहीं आ गया। जब यह बम जमीन से लगभग 13 हजार फुट की ऊंचाई पर पहुंचा तो उसमें विस्फोट कर दिया गया।

इस बम के विस्फोट से रिक्टियर स्क पर 5 की तीव्रता का टीका आता है और इसे खोजने में महसूस किया जाता है। इस विस्फोट के बाद अमेरिका और रूस ने वर्ष 1963 में एक संधि पर डायरीखत किए थे। इसके बाद दोनों देशों ने हवा में परमाणु बम के तारों पर पूरी तरह रोक लगा दी थी।

कैमरों को सैकड़ों मील दूर रखा गया था, ताकि वे चमक से खराब न हो जाएं
इस बम का खौफ इतना था कि कैमरों को सैकड़ों मील की दूरी पर लगाया गया था। साथ ही उन्हें लो लाइट पोजिशन में रखा गया था ताकि वे परमाणु विस्फोट की चमक में खराब न हो जाएं। इन कैमरों ने 40 सेकंड तक आग के गोले का वीडियो बनाया और उसके बाद यह शोरूम के बादल के रूप में बदल गया। बताया गया है कि विस्फोट की चमक खत्म होने तक दिखाई दी थी।

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By GAUTAM

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