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  • चाइना मार्स लॉन्च | चीन ने राष्ट्रीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी तियानवेन 1 मार्स रोवर मिशन की आज ताजा खबर अपडेट की

बीजिंगएक घंटा पहले

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चीन ने गुरुवार को हैनियन से अपना रोवर मिशन मार्कस लॉन्च किया। यह फरवरी तक मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंच सकता है।

  • तिआनवेन शब्द का अर्थ स्वर्ग से प्रश्न पूछना होता है
  • यह फरवरी फरवरी में लाल ग्रह के कक्षा में पहुंचता है

चीन ने मंगल ग्रह की ओर कदम बढ़ाए। उन्होंने गुरुवार को रोवर मिशन टू मार्स के तहत अपना तिआनवेन 1 चैनल लॉन्च किया। इसमें छह कमरे वाला रोबोट है। इसे हैनियन से लॉन्च किया गया। तिनानवे शब्द का अर्थ स्वर्ग से प्रश्न पूछना होता है। यह फरवरी तक रेड प्लेनेट के ऑर्बिट में पहुंच जाएगा।

तीन महीने की कोशिश रोवर नहीं करेगी
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तिआनवेन 1 में भेजे गए रोवर दो या तीन महीने तक मंगल की सतह पर लैंड करने की कोशिश नहीं करेंगे। 1970 में अमेरिका ने भी यही रणनीति अपनाई थी। इस समय का फायदा रेलवे डीलर मंगल के हालात और वातावरण को समझने में होगा ताकि रोवर को राहत मिलेगी।

तीसरा मिशन
सोमवार को यूएई ने मंगल ग्रह के लिए अपना होप इलेक्ट्रॉनिक्स लॉन्च किया था। अब चीन ने अपना मिशन टू मार्स लॉन्च कर दिया है। माना जा रहा है कि लगभग एक सप्ताह बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा नेक्स्ट जेनरेशन रोवर मंगल ग्रह की ओर से लॉन्च की जाएगी।

प्लेन यानी समतल जगह की तलाश
चीन की कोशिश है कि जब भी उसके रोवर मंगल की सतह पर उतरे तो उसकी सेफन हो। इसके लिए जरूरी है कि सतह समतल यानी प्लेन हो। अमेरिका ने वर्ष 2000 में स्पिरिट मिशन के तहत रोवर रेड प्लेनेट पर भेजा था। विशेष बात ये है कि तिआनवेन 1 का डिज़ाइन भी काफी हद तक स्पिरिट जैसा ही है। चीन का रोवर भी मंगल की सतह का ऊपरी और सामान्य अध्ययन करने में मददगार साबित होगा। इसमें हाई क्वॉलिटी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही यह वहाँ के टुकड़ों और पानी का पता लगाने में भी सक्षम है।

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By GAUTAM

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