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  • चीन यूएस | चीन ने कहा कि अमेरिका को अपने शीत युद्ध की मानसिकता को बदलने और अपने युद्ध के खेल मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।

बीजिंग24 मिनट पहले

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फोटो 29 जून 2019 की है। तब जापान के ओसाका में जी -29 समिट हुआ था। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से मुलाकात की थी।

  • चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को इस बारे में सख्त बयान जारी किया है
  • चीन ने कहा है कि अमेरिका हमारे बारे में पहले से सृजित को बदले

अमेरिका से तल्ख होते रिश्तों के बीच चीन ने एक बयान के जरिए अमेरिका को बर्ताव सुधारने की नसीहत दी। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा- अमेरिका को शीत युद्ध की मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है। कुछ दिन पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने एक बयान में चीन को अमेरिकी नीतियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। इसके बाद विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी यही कहा था। अब चीन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

चीन इसलिए नाराज है
एस्पर ने कुछ दिन पहले चीन के खतरे को लेकर बयान दिया था। यह अमेरिकी डिफेंस मिनिस्ट्री की वेबसाइट पर भी डाला गया था। एस्पर ने कहा कि चीन को अमेरिका के लिए रूस से भी बड़ा खतरा और चुनौती बताई गई है। एस्पर ने कहा कि चीन हमारे देश के लिए परेशानियों पैदा कर रहा है और अब उससे निपटने का वक्त आ गया है। पोम्पियो ने कहा कि चीन दुनिया के भूगोल को बदलने की जानकारी रच रहा है।

चीन का जवाब
चीन के विदेश मंत्रालय ने एस्पर और पोम्पियो की बातों का जवाब दिया। कहा- अमेरिका में कुछ लोग चीन-अमेरिका पर पहले से निर्मित राय पर कायम हैं। इन लोगों को कोल्ड वॉर वाला नजरिया बदलना चाहिए। चीन के विकास को सही दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है। कुछ लोगों की वजह से दोनों देशों के रिश्ते मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।

आंतरिक कानूनों का पालन करता है चीन
चीन ने बयान में आगे कहा- हमने हमेशा अतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। इस बारे में तो अमेरिका को लगता है कि जो अकसर समझौतों को तोड़ता है और आंतरिक ऑर्गैजेशन्स को नुकसान पहुंचता है। इस बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि दुनिया इस बारे में सब जान चुकी है। हम चाहते हैं कि मामलों को सही तरह से हल किया जाए। अमेरिका हमारी लीडरशिप पर सवाल उठाते हैं क्योंकि उसे चीन के लोगों का समर्थन हासिल है।

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By GAUTAM

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