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PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 3304 पंचायतों में हाईस्कूल की शुरूआत की।सीएम नीतीश ने कक्षा नवम् का शुभारंभ किया.सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लि.द्वारा पटना में नवनिर्मित विभिन्न भवनों का उद्घाटन किया।अपने संबोधन में सीएम नीतीश ने विपश्र के नेताओं पर बिना नाम लिए अटैक भी किया। सीएम नीतीश ने कहा कि पता नहीं क्यों बिहार में इतना काम हो रहा फिर भी कुछ लोग क्या से क्या बातें करते हैं।बिहार का गलत प्रचार किया जाता है।उन्होंने कहा कि जिनको प्रचारित करने में आनंद आता है वे करें…हमको क्या हम तो सेवा करने में विश्वास करते हैं. जनता मालिक और वह सबकुछ देखती है। हम तो सेवा में विश्वास और लोगों के कल्याण का काम करते हैं। CM नीतीश ने अपने संबोधन में कहा कि पहले दलित-अल्पसंख्यक समाज के बच्चे स्कूल नहीं जाते थे।हमें जब काम करने का अवसर मिला तो सर्वे कराया और तब इस समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए कई तरह के काम किए।सभी बच्चों को स्कूल पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।अब तो अक्षर आँचल योजना के माध्यम से हर किसी को साक्षर कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें आलोचना करते रहते हैं।जब हमने लड़कियों के स्कूल जाने के लिए साइकिल दी तो हमें निशाना बनाया जाने लगा।लेकिन आज देखिए क्या बदलाव हुए हैं…।हमनें महिलाओं के मनोबल बढ़ाने के लिए काफी काम किए हैं.

सीएम नीतीश ने अधिकारियों से कहा कि आज जिन पंचायतों में हाईस्कूल की शुरूआत हो रही है वहां पर नामांकन ले लीजिए और बाकि स्कूलों में जैसे पढ़ाई की व्यवस्था करिए।सीएम नीतीश ने कहा कि शिक्षकों के लिए हम कर ही रहे हैं।हम तो पहले ही कह चुके हैं कि हम हीं आपके लिए करेंगे।हमने 15 अगस्त के दिन जो ऐलान किया था उसे लागू कर दिया। बिहार में शिक्षकों की सेवा शर्त को लागू कर दिया गया है।नियोजित शिक्षकों को ईपीएफ स्कीम से जोड दिया। सीएम नीतीश ने कहा कि हमारी इच्छा तो थी कि शिक्षकों के वेतन को बढ़ायें लेकिन कोरोना संकट की वजह से थोड़ी परेशानी हुई है।लेकिन 1 अप्रैल 2021से वेतन वृद्धि हो जाएगी।इस पर सरकार के 2765 करोड़ रू खर्च होंगे। शिक्षकों को 20 फीसदी से अधिक का फायदा होगा।हम लोगों ने तो नहीं कहा कि ये शिक्षक नियोजित हैं,हम तो कहते हैं ये नियोजित नहीं बल्कि सिर्फ शिक्षक हैं.नीतीश कुमार ने कहा कि ये लोग पता नहीं कहां से चलाते रहता है कि नियोजित शिक्षक हैं।हमारा तो एक ही अनुरोध है कि बच्चों को पढ़ाईए।



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