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  • गणेश महोत्सव पाकिस्तान | 800 पाकिस्तानी हिंदू कराची के जिन्ना मार्ग पर गणपति महोत्सव मनाते हैं

कराची15 मिनट पहले

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मंदिर मे बा पंडाल, शंखनाद करते भक्त, लाल चूड़ियाँ और पारंपरिक पोशाक पहने महिलाएंए जय जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ती ’की आरती गाते दिखाई देती हैं तो यह अपने लिए आम बात हो सकती है। अगर यह नजारा पाकिस्तान के कराची शहर का हो तो आप शायद पहले विश्वास न हो। यहां रहने वाले साथ 800 से ज्यादा भारतीय मूल के महाराष्ट्रीयन परिवार सालों से गणपति उत्सव मनाते आ रहे हैं।

में हेतेची के बड़े मंदिर में डेढ़ दिन का गणेश उत्सव मनाया जाता है। इनका कहना था कि इससे पूरे साल भर की ऊर्जा मिल गई। कराची के रतमें महादेव मंदिर, गणेश मठ मंदिर और स्वामीनारायण मंदिर में यह उत्सव होता है।

गणेश उत्सव की शुरुआत कृष्णा नायक ने आज से 76 साल पहले की थी। वे बंटवारे के बाद कराची जाकर बस गए थे। कृष्णा के बाद उनके बेटे राजेश नायक और अब उनकी नई पीढ़ी इस परंपरा को आगे खेलने जा रही है। नायक परिवार ने पहले कुछ लोगों के साथ मिलकर इसकी शुरूआत की थी। बाद में कराची के कई मराठी परिवारों को इससे जोड़ा गया।

कराची में महाराष्ट्रीयन पंचायत बनाई गई
कराची में रहने वाले सोशल एक्टविस्ट और कराची मराठी कम्युनिटी के सदस्य विशाल राजपूत ने इस साल मनाए गए गणेश उत्सव की जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया कि कराची में महाराष्ट्रीयन पंचायत की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से सभी भारतीय त्योहार, त्योहार मनाए जाते हैं। अभी कराची में 800 से ज्यादा मूल कोकणी मराठी लोग रहते हैं।

कराची में 800 से ज्यादा मूल कोकणी मराठी लोग रहते हैं।

भारत-पाक के तनाव का कोई असर नहीं
विशाल राजपूत ने बताया की, कराची में भारी तादाद में हिंदू रहते हैं। हर साल मा जिन्ना मार्ग से गणपति का जुलुस निकलता है, लेकिन अब तक कभी भी दो समुदायों के लोगों के बीच टकराव नहीं हुआ है। भारत-पाकिस्तान में जब भी तनाव का माहौल होता है। इसका कोई असर यहां नहीं होता है। यहाँ मुस्लिम परिवार भी इस उत्सव में शामिल हैं।



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By GAUTAM

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