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  • पाकिस्तान में गुरुद्वारा अपडेट: 200 साल पुराना गुरुद्वारा बलूचिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय को वापस सौंप दिया

कराची41 मिनट पहले

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श्री गुरू सिंह गुरुद्वारा में बुधवार को सिख समुदाय के लोगों ने अरदास की शिक्षा दी। (फोटो- द डॉन से साभार)

  • सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को पास के स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा
  • साल के शुरुआत में भी झोब में हिंदू समुदाय को 200 साल पुराना मंदिर सौंप दिया गया था

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 200 साल पुराने एक गुरुद्वारे को सिख समुदाय को सौंप दिया गया है। गुरुद्वारे में पिछले 73 साल से सरकारी हाई स्कूल जा रहा था। न्यूज एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि बुधवार को क्वेटा के मस्जिद रोड स्थित श्री गुरू सिंह गुरुद्वारा को आधिकारिक रूप से प्रार्थना और धार्मिक समारोह के लिए सिख समुदाय को सौंप दिया गया था।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के माइनॉरिटी अफेयर के सलाहकार और संसदीय सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुद्वारे को शिक्षा समुदाय के लिए पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है।

गुरुद्वारे की मार्केट वेल्यू अरबों में

उन्होंने कहा कि 14,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस गुरुद्वारे की मार्केट वेल्यू अरबों रुपए में है। फिर भी बलूचिस्तान सरकार ने सिख समुदाय के लिए पूजा स्थल के रूप में इसे बहाल करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को पास के स्कूलों में एडमिशन दिलाने में मदद की जाएगी।

2,000 सिख परिवार कर रहे हैं अरदास
बलूचिस्तान में सिख समुदाय समिति के अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा को धार्मिक स्थल के रूप में बहाल कर के सरकार ने हमें तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 2,000 सिख परिवार बलुचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं। उनके लिए इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे का विशेष महत्व है। इस साल की शुरुआत में भी सरकार ने प्रांत के झोब में हिंदू समुदाय को 200 साल पुराना मंदिर सौंप दिया था।

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By GAUTAM

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