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न्यूयॉर्क7 घंटे पहलेलेखक: अपूर्वा मंडावली

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न्यूयॉर्क के कुछ ब्रांडों में 80% लोग पहुंचे। (फाइल फोटो)

  • हर्ड इम्युनिटी का मतलब है कि वायरस को ऐसे व्यक्ति मिलना बंद हो जाएं, जिस तरह कर वह लगातार फैलता रहा
  • वैज्ञानिकों के अनुसार न्यूयॉर्क, लंदन और मुंबई के कुछ हिस्सों में वायरस के खिलाफ मजबूत इम्युनिटी पैदा हो चुकी है

कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए वैक्सीन के साथ-साथ वैज्ञानिक हर्ड इम्युनिटी को भी कुशल बताते हैं। हर्ड इम्युनिटी का मतलब है कि वायरस को ऐसे व्यक्ति मिलने बंद हो जाएं, जिस पर कर वह लगातार फैलता रहा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 70% तक आबादी में वायरस की प्रतिरोधी क्षमता पैदा होने के बाद ही किसी क्षेत्र में हर्ड इम्युनिटी विकसित होगी।

यह क्षमता वृद्धि या संक्रमण से ठीक होने के बाद भी आ सकती है। हर्ड इम्युनिटी इस आधार पर देखा जाता है कि कोई भी योग्य व्यक्ति कैसे और लोगों तक वायरस फैला रहा है। हालांकि, कुछ शोधकर्ता नई उम्मीद जगाने वाली संभावनाएं खंगाल रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ इंटरव्यू कहा 12 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने कहा कि हर्ड इम्युनिटी की सीमा 50% या इससे भी कम हो सकती है।

वैज्ञानिक और गणितज्ञों के प्रमुख सांख्यिकीय नेटवर्किंग के आधार पर ये अनुमान लगाया जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार न्यूयॉर्क, लंदन और मुंबई के कुछ हिस्सों में वायरस के खिलाफ मजबूत इम्युनिटी पैदा हो चुका है। हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में महामारी विशेषज्ञ बिल हनैग कहते हैं- न्यूयॉर्क और लंदन के कुछ पॉकेट्स में मजबूत इम्युनिटी है।

43% लोगों के चेतन होने पर हर्ड इम्युनिटी आ सकती है

वहीं, स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी में गणितज्ञ टॉम बिट्टन कहते हैं कि 43% लोगों के स्वभाव होने पर हर्ड इम्युनिटी आ सकते हैं।]यानी किसी भी आबादी में इतने लोग या रिकवर होने के बाद वायरस अनियंत्रित तरीके से नहीं फैलेगा।

न्यूयॉर्क के एक अस्पताल में 80% लोगों में कैंसर पाया गया

हालांकि, हर्ड इम्युनिटी की यह एक बड़ी कीमत है। 43% लोग अस्थिर होने का मतलब यह है कि बहुत से लोग बीमार पड़ेंगे। मृत्यु भी होगी। न्यूयॉर्क के कुछ ब्रांडों में 80% लोग पहुंचे। लेकिन, कोलंबिया विश्वविद्यालय के मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी विशेषज्ञ वन यांग कहते हैं कि क्लीनिक में आने वाले सिम्प्टोमेटिक होते हैं।

वहीं, क्वीन्स में कोरोना क्लीनिक में जाने वाले 68% और ब्रुकलिन के कॉबल हिल सेक्शन में 13% लोगों को प्रशिक्षित किया गया। वहीं, मुंबई में गरीब इलाकों में ५१ से ५%% जबकि बाकी शहर में ११ से १ में% लोग घुसे हुए हैं। मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ। जयंती शास्त्री कहती हैं कि गरीब क्षेत्रों में लोग भीड़-भाड़ में रहते हैं। शौचालय साझा होते हैं और मुख भी उपलब्ध नहीं होते हैं। ये सभी कारक एक साथ शांत रहते हैं।

स्पेन और बेल्जियम जैसे देशों में 10-20% हर्ड इम्युनिटी

शोधकर्ता अभी तक यह दावा करने से बच रहे हैं कि न्यूयॉर्क के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रों में शामिल ब्रुकलिन या भारत के मुंबई में किसी इलाके में हर्ड इम्युनिटी आई है या नहीं, या यहां आगे भी वायरस फैलने की संभावना है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रेथक्लाइड के गणितज्ञ गैब्रिला गोम्स ने पाया कि बेल्जियम, इंग्लैंड, पुर्तगाल और स्पेन में 10 से 20% की रेंज में ही हर्ड इम्युनिटी आ गई थी।

हालाँकि, अन्य विशेषज्ञ चेताते हैं कि ये मॉडल्स में कुछ कमियाँ हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के महामारी विशेषज्ञ जैफरी शमन कहते हैं कि अगर हम इस तरह के मॉडल्स पर विश्वास करेंगे तो यह आग से बज उठेगा।

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By GAUTAM

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