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रावलपिंडी11 मिनट पहले

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पाकिस्तान में कराची प्लेन के बाद यह खुलासा हुआ था कि 860 में से 262 पायलटों के पास फर्जी लाइसेंस हैं। इनमें से 107 अन्य देशों की एयरलाइंस कंपनियों में काम करते हैं। (फाइल)

  • पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस यानी पीआईए के फर्जी पायलटों पर इमरान सरकार सख्त है
  • 28 पायलटों के लाइसेंस पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं, बाकी के वैरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है

पाकिस्तान में फर्जी लाइसेंस रखने के आरोप में 15 और पायलटों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। इन 262 पायलटों में शामिल हैं जिन पर फर्जी लाइसेंस रखने का आरोप है। इन 262 पायलटों की उड़ान भरने पर भी रोक लगा दी गई है। इससे पहले 28 और पायलटों के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं।

एविएशन क्वाडजन के प्रवक्ता अब्दुल सत्तार खोखर ने कहा कि कैलकुलेटर ने इन 28 पायलटों के लाइसेंस कैंसिल करने की मंजूरी दे दी है। 93 पायलटों के लाइन्स के वैरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 141 मामलों की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है। फर्जी लाइसेंस का मामला कराची प्लेन एंड के बाद सामने आया था

एविएशन मिनिस्टर ने पीआईए के 40% फर्जी की बात की थी
22 मई को कराची में हुए प्लेन ऑफिस के बाद सरकार ने अपनी जांच रिपोर्ट संसद में पेश की थी। एविएशन मिनिस्टर गुलाम सरवर खान ने कहा था कि पीआईए के 40% पायलट्स के लाइसेंस फर्जी हैं। पाकिस्तान में कुल 860 कम आबादी वाले हैं। एविएशन मिनिस्टर के मुताबिक, जिन पायलटों की जांच की जा रही है, उन सभी का रिक्रूटमेंट 2018 के तहत हुआ था। इसके लिए इमरान खान सरकार जिम्मेदार नहीं है, उसने तब इस धन्धली को उजागर किया है।

कई देश पीआईए की फ्लाइट्स पर बैन लगा चुके हैं
पाकिस्तान के 107 पायलट्स फॉरेन एयरलाइंस कंपनियों में काम करते हैं। फर्जी पायलटों के मुद्दे पर अमेरिका के साथ ही कुवैत, ईरान, मलेशिया, जॉर्डन और यूएई जैसे मुस्लिम देश पीआईए और पाकिस्तानी पायलटों को बैन कर चुके हैं। अमेरिका के ट्रांसपोर्टेशन विभाग ने कहा था कि पाकिस्तान के पायलटों के लाइसेंस और सर्टिफिकेट को लेकर फेडरल एविएशनिसा (एफडीए) ने चिंता जाहिर की थी। हमने पीआईए से अमेरिका में चार्टर प्लेन्स संचालन करने की परमिशन बैक ले ली है।
हर महीने 6 अरब रुपये का घाटा
रिपोर्ट के मुताबिक, पीआईए की हालत इतनी खराब हो गई है कि इस राष्ट्रीय पाठ्यक्रम को कभी भी बंद किया जा सकता है। इस सरकारी कंपनी को हर महीने लगभग 6 अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बढ़ावर्स बढ़ाने के लिए डोमेस्टिक टिकट के रेट कम किए गए। लेकिन, इसका कोई फायदा नहीं हुआ। हर साल सैलरीज पर केवल 24 अरब रुपए खर्च होते हैं। इनलाइन में 14 हजार 500 कर्मचारी हैं।

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By GAUTAM

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