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  • भारत बांग्लादेश संबंध समाचार; भारत बांग्लादेश संबंध, बांग्लादेश की प्रधान मंत्री हसीना, भारतीय उच्चायुक्त, भारत उच्चायोग, भारत चीन तनाव

ढाका3 घंटे पहले

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मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2019 में शेख हसीना के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद से वहां सभी भारतीय प्रोजेक्ट दायम हो गए हैं।]-फाइल फोटो

  • मामला ऐसा जब सामने आया, जब हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शेख हसीना से बात की थी
  • भारत में नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद से ही दाेनों देशों के रिश्तों में खटास आने की बात होने लगी थी

चीन और पाकिस्तान के बाद अब भारत-बांग्लादेश के बीच मनमुटाव की बात सामने आ रही है। बांग्लादेश के एक पत्र ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना पिछले 4 महीने से भारतीय उच्चायुक्त से मिलने टाल रही हैं। बार-बार मिलने का समय मांगने के बाद भी भारतीय उच्चायुक्त को इजाजत नहीं मिल रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के एक पेपर भोरर कागोज ने दावा किया है कि 2019 में शेख हसीना के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद से सभी भारतीय प्रोजेक्ट डायमे पड़ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में इसकी वजह उनका पाकिस्तान और चीन की तरफ बढ़ता रुझान बताया गया है।

भारत की आपत्ति के बाद भी चीनी कंपनी को दिया गया ट्रका
भारत की चिंता के बावजूद बांग्लादेश ने सिलहट में टर्मिनल टर्मिनल का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया। भारतीय उच्चायुक्त रीवा गांगुली चार महीने से बांग्लादेश की पीएम से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं दिया गया। यहीं नहीं कोराएनावायरस की महामारी से निपटने में मदद करने के लिए बांग्लादेश ने भारत को धन्यवाद तक नहीं बोला है।

भारत के उत्तर-पूर्वी सीमा से जुड़ा है सिलहट
सिलहट के एमएजी ओस्मानिया टर्मिनल में नए टर्मिनल का कॉन्ट्रैक्ट बीजिंग अर्बन कंस्ट्रक्शन ग्रुप (बीयूसीजी) को दिया गया। सिलहट को भारत के उत्तर-पूर्व सीमा से लगा दिया गया और काफी संवेदनशील इलाका माना जाता है।

सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बांग्लादेश उच्चायोग ने इसकी पुष्टि की है कि भारतीय राजदूत ने शेख हसीना से मिलने का समय मांगा था। लेकिन अब कुछ तय नहीं हो गया है। मामला ऐसा जब में सामने आया है, जब बुधवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी।

सीएए लागू किए जाने के बाद से ही संबंधों में खटास
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास तब आने लगी थी, जब देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू हुआ था। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले मिनक भारत की नागरिकता ले सकते हैं।

हालांकि, शेख हसीना ने कहा था कि यह भारत का डिजाइन मामला है, लेकिन सीएए और एनआरसी की जरूरत क्यों पड़ी, उन्हें यह पता नहीं था। इस कानून से भारतीय लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने भारत में अवैध रूप से रहने के बारे में अपने नागरिकों की सूची भी पूछी थी।

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By GAUTAM

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