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टोक्योएक मिनट पहले

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यह फोटो सितंबर 2017 की है। भारत के दौरे पर पहुंचे जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदबाद के साबरमती आश्रम ले गए थे।- फाइल फोटो

  • शिंजो को आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस है, इसकी वजह से उन्हें 2007 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
  • शिंजो आबे लगातार 2803 दिनों से प्रधानमंत्री हैं, पहले यह रिकॉर्ड उनके चाचा इसाकु सैतो के नाम था

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 65 साल के आबे लंबे समय से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। वे इस महीने ही दो बार (17 और 24 अगस्त) अस्पताल जा चुके हैं। इसके बाद से ही उनकी सेहत को लेकर जापान की मीडिया में चर्चा हो रही थी। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, आबे नहीं चाहते कि उनकी सेहत की वजह से सरकार के कामकाज पर असर पड़े। ऐसे में वह शुक्रवार को राष्ट्रपति कॉन्फ्रेंस कर पद छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

शिंजो ने इसी महीने प्रधानमंत्री के तौर पर 7 साल 6 महीने का समय पूरा किया है। आबे 2803 दिनों से इस पद पर बने हुए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड उनके चाचा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इसाकु सैतो के नाम था। शिंजो लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) पार्टी के सदस्य हैं।

50 दिनों से किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आया शिंजो आबे

देश में कोरोना महामारी के फैलने के बाद से ही यह मांग हो रही है कि आबे देश के लोगों को इससे निपटने के लिए किए गए कामों के बारे में बताएं। इसके बावजूद आबे बीते 50 दिनों से किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं। 18 जून को यह जानकारी दी गई थी कि वे अपने घर पर मीडिया से बातचीत करेंगे। हालांकि, वे ऐसा नहीं कर पाए थे। 24 अगस्त को काउंटर सेक्रेटरी योशिहिडे सुगा ने शिंजो की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आबे बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन जांच के लिए अस्पताल आ रहे हैं।

आंत से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं शिंजो

शिंजो को लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रक्टिव कोलाइटिस है। इसमें आंत में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। इसी बीमारी की वजह से शिंजो को 2007 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा था। अब वे नियमित इलाज करके अपनी इस बीमारी को नियंत्रित में रख रहे हैं। पहले इस बीमारी के लिए सही इलाज मौजूद नहीं था। इस बीमारी में सही तरीके से खाना न खाने और तनाव लेने से स्थिति बिगड़ने की संभावना बनी रहती है।

देश में घट रही है शिंजो की लोकप्रियता: डेवलपर

जापान की क्योडो न्यूज एजेंसी के सर्वे के मुताबिक, देश में शिंजो की लोकप्रियता के पहले के मुकाबले कम हुई है। रविवार को स्थानीय हुए इस सर्वे में कहा गया है कि देश में 58.4% लोग कोरोना महामारी से सामना के सरकार के तरीके से नाख़श हैं। मौजूदा भंडारण की अप्रूवल रेटिंग 36% है, जो कि शिंजो के 2012 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से सबसे कम है। हालांकि, देश में महामारी दूसरे देशों की तुलना में काफी हद तक अधिक है। यहां अब तक 62 हजार से ज्यादा खर्च मिले हैं और 1200 मौतें हुई हैं, लेकिन लोग सरकार की ओर से दोबारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले संकायों को बांटने जैसी योजनाओं के पक्ष में नहीं हैं।

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By GAUTAM

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