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नई दिल्ली40 मिनट पहले

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  • पोम्पियो बोले- चीन की विस्तारवादी नीति का हथियार है बालना कम्युनिकेशन कंस्ट्रक्शन कंपनी
  • अमेरिका ने शोध के देशों से चीनी कंपनी के साथ काम न करने की अपील की

अमेरिका की अब चीन के बेल्ट और रोड इनिशियन (प्रोजेक्ट) पर नजर है। हाल ही में अमेरिका ने चीन की 24 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, इसमें चाइल्ड कम्युनिकेशन कंस्ट्रक्शन कंपनी (सीसीसीसी) भी है। चीन की यह विशाल कंपनी और इसकी सहायक कंपनियों के बड़े पैमाने पर इंफ्रस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए जाना चाहिए।

इस कंपनी पर चीन की सरकार से मिलकर कमजोर देशों को कर्ज के जाल में फंसाने और सीखने में इकोलॉजिकल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। यह खोज बीआरआई (सड़क और समुद्री मार्ग तैयार करने) के प्रोजेक्ट का काम कर रही है। हालांकि, अमेरिका ने इसे बैन करते हुए बीआरआई का जिक्र नहीं किया। अमेरिका ने दक्षिण बालना सी में अवैध गतिविधियों में जुड़े होने का आरोप लगाया है। लेकिन, माना जा रहा है कि यह कंपनी को बैन द्वारा अमेरिका की नजर अब बीआरआई प्रोजैक्ट पर है।

यह कंपनी कितनी बड़ी है?
सीसीसीसी बीआरआई के तहत 157 देशों में 923 प्रोजेक्टों पर काम कर रही है। फिच की रेटिंग के अनुमान के मुताबिक 2013 से पांच साल तक सीसीसीसी ने बेल्ट एंड रोड के देशों में 63 अरब डॉलर (लगभग 4611 अरब रुपए) के कान्ट्रैक्ट साइन किए थे। अमेरिका के विदेश मंत्री ने सीसीसीसी को चीन की विस्तारवादी नीति को अंजाम देने का हथियार बताया है। उन्होंने इन चीनी कंपनियों के साथ न काम करने की अपील की है।

क्यों बदनाम है कंपनी?

1. श्रीलंका को कर्ज के जाल में फंसाया
सीसीसीसी तब चर्चा में आई थी जब इसकी सहायक कंपनी बालना हार्बर कंपनी (सीएचईसी) ने श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह में डेवलपर का काम किया था। इसके बाद श्री इतने कर्ज में आ गया कि उसे अपना बंदरगाह चीन को 99 साल के लिए लीज पर देना पड़ा। इसने पाकिस्तान के ग़िस्मर इटली के ट्रिएस्टे और जिनोआ मनोरंजन में भी काम किया है।

2. बांग्लादेश में जाल फैलाने के लिए चाय के डिब्बे में घूस देने की कोशिश की जाती है
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में भी यह कंपनी अपना जाल फैलाने की कोशिश कर रही है। सीएचईसी कंपनी के एक अधिकारी ने बड़ा ठेका पाने के लिए बांग्लादेश के सड़क मंत्रालय के एक अधिकारी को चाय के ट्वीट में 10 हजार डॉलर (73 लाख रुपए) की घूस देने की कोशिश की थी। इन्हीं करतूतों के चलते विश्व बैंक ने 2009 में चिलिंस में अपने रुपों से चलने वाले प्रोजेक्ट में आठ साल तक सीसीसीसी के टेंडर डालने पर रोक लगा दी थी।

चीन का बीआरआई प्रोजेक्ट क्या है?

चीन का बेल्ट और रोड इनिश कई देशों का कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है। चीन इसके तहत एशिया से लेकर यूरोप तक वह सड़क और समुद्र तट का एक नेटवर्क तैयार कर रहा है। इसके लिए वह कई देशों को भारी भरकम कर्ज दे रहा है। कर्ज न लौटा पाने पर वह अपने मनोरंजन पर कब्जा कर लेता है। यह किसी भी देश की ओर से शुरू किया गया अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है।

अमेरिका ने 24 चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है
अमेरिका ने हाल ही में सीसीसीसी सहित 24 चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। ये कंपनियाँ अमेरिका में अपना व्यवसाय नहीं कर पाएंगी। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां चीन की सरकार और सेना की मदद करती हैं। इन कंपनियों ने दक्षिण बालना सी में ऑर्टिफिशियल द्वीप बनाकर चीन को वैध हा बनाने में मदद करती हैं। इससे पर्यावरण को बहुत नुकसान हुआ है।

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By GAUTAM

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