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  • मॉरीशस इंडिया | भारतीय कप्तान सुनील कुमार नंदेश्वर को जापानी जहाज एमवी वकैशियो से मॉरीशस पुलिस ने हिरासत में लिया

पोर्ट लुइस17 मिनट पहले

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मॉरिसस के समुद्री तट पर फंसा कच्चे तेल से लदा जापानी कार्गो जहाज एमवी वप्रियो बीते सप्ताह दो टुकड़ों में बदल गया था। इसके कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर को मॉरिशस पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

  • 25 जुलाई को मॉरिशस के पास हिंद महासागर में कैप्टन सुनील कुमार नंदेश्वर की अगुवाई वाला जहाज हादसे का शिकार हो गया था।
  • एमवी प्रकाश प्रकाश जहाज से अब तक हजारों टन तेल रिस कर समुद्र में फैल चुका है, मॉरीशस सरकार ने इसे पारायण आपदा आपदा के रूप में देखा है।

मॉरिशस ने जापानी कार्गो शिप एमवी प्रकाशियो के कैप्टन सुनील कुमार नंदेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है। 58 साल के नंदेश्वर भारतीय हैं। मॉरिसस पुलिस का आरोप है कि नंदेश्वर बर्थडे पार्टी मनाने और लिफ्ट सिग्नल कैच करने के लिए जहाज को तट के करीब ले आए, जिससे वह कोरल की चट्टान से टकरा गया। यह जहाज दो हिस्सों में टूट गया है और इससे हजारों लीटर तेल रिस गया है।

पुलिस इस जहाज के दूसरे क्रूर मेंबर्स से भी पूछताछ कर रही है। 25 जुलाई को यह जहाज हादसे का शिकार हुआ था। बीते सप्ताह यह जहाज दो टुकड़ों में टूट गया था। मंगलवार को नंदेश्वर को पोर्ट लुइस की कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें 25 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। जहाज के फर्स्ट ऑफिसर को भी गिरफ्तार किया गया है।

कार्गो कंपनी का दावा- खराब मौसम की वजह से हुआ हादसा

मालवाहक जहाज एमवी व प्रकाशियो जापानी कंपनी नागाशिकी के लिए काम करने वाली मिटासुई ओसके लाइन्स का है। कंपनी ने दावा किया था कि खराब मौसम की वजह से शिप चट्ठान से टकराया था। इसके बाद जहाज की निचली सतह में दरार आ गई, जिससे तेल का टिप शुरू हो गया। तकनीकी तौर पर इसे तट से लगभग 16 किलोमीटर दूर रहना था, जबकि यह सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर फैंस पाया गया।

मॉरिसस ने एनवॉयरेंमेंटटल इमरजेंसी घोषित की थी

मॉरीशस के प्रधान मनोरंजन जगन्नाथ ने इस मामले पर 8 अगस्त को एनवॉयरेंमेंटल इमरजेंसी, यानी पर्यावरण प्लंबर, का ऐलान किया था। जहाज से तेल का भरी ऐसी जगह पर हुआ है जो ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और द्वीप के पास है। इससे मरीन रिजर्व पार्क के समुद्री जीवों और पौधों की कई वस्तुओं को खतरा है। बारिश के बाद मॉरिसस के कई समुद्री इलाकों पर पानी का रंग काला हो गया है।

जहाज पर 2500 टन टन कच्चा तेल लदा था

जहाज पर तीन टैंकरों में 2500 मिट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल लदा था। अब जहाज के टूटे हुए टुकड़ों में से एक को तट के करीब लाया जाएगा। वहाँ 90 टन कच्चे तेल के साथ दूसरे टुकड़ों को समुद्र में डुबाने की योजना है। पर्यावरण बचाने के लिए काम करने वाले एक्टिवस्ट ने इस पर आपत्ति जताई है। जिस स्थान पर शिप के दूसरे हिस्से को डंप किया जाएगा वह व्हेल मछलियों के लिए प्रोटेक्टिव रिजन है। अगर ऐसा होता है तो समुद्री जीवों को नुकसान पहुंचता है।

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By GAUTAM

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