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नई दिल्लीकुछ ही पल पहले

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प्रधानमंत्री का संबोधन संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं वर्षगिरह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2016 में परिषद की 70 वीं वर्षगिरह पर भाषण दिया था
  • जून में ही भारत यूएन के सुरक्षा परिषद (यूेंट्ससी) का अस्थाई सदस्य चुना गया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने कोरोना के दौर में 150 देशों की मदद की। सार्क को विभाजित फंड बनाया गया। हमने सरकार की कोशिशों को जनता के साथ जोड़ा और कोरोना के खिलाफ जंग को जनता का अभियान बना दिया।

इस वर्ष हमने यूएटेटिव नेशंस की 75 वीं वर्षगांठ मनाईं। भारत 50 एक्टिवर मेंबर्स में से है, जो सेकंड वर्ल्ड वार के बाद बने थे। आज यूएन 193 देशों को साथ लाया गया है। इसके साथ ही यूएन से उम्मीदें भी बढ़ी हैं। कई समस्याएं भी हैं।

मोदी ने कहा- भारत ने यूएन के कामों में योगदान दिया है। आज हम 2030 के एजेंडा और स्थायी विकास के लक्ष्यों में अपना योगदान कर रहे हैं। भारत पूरी दुनिया की जनसंख्या के छठवें हिस्से का घर है। हम जानते हैं कि हमारी जिम्मेदारी क्या है। हम जानते हैं कि यदि भारत अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करता है तो यह दुनिया के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए भी फायदेमंद रहेगा।

सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास

पीएम बोले- हमारा नारा है कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। पिछले साल हमने गांधी की 150 वीं जयंती मनाई। हमने 6 हजार गांवों में स्वच्छता का लक्ष्य हासिल किया। हमने 10 करोड़ से ज्यादा घरों में टॉयलेट बनाए। 7 करोड़ ग्रामीण महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप का हिस्सा हैं। ये जिंदगियों को बदल रहे हैं। हमारी लोकल सरकारनमेंट में 10 लाख से ज्यादा महिलाएं प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 6 साल में हमने 40 करोड़ बैंक खाते खोले हैं।

मोदी ने बताया कि विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के साथ-साथ हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को नहीं भूले हैं। हमने कार्बन समझौतों को रोकने में बहुत बड़ा काम किया है। 450 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूस करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंघ यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने के लिए हमने सबसे बड़ा अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि भूकंप हो, तूफान हो, इबोला हो या कोई भी मानव जनहित या प्राकृतिक परेशानी हो, भारत ने हमेशा दूसरों की कोशिश की है।

संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं वर्षगिरह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधन

प्रधानमंत्री का संबोधन संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं वर्षगिरह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ। इस वर्ष जून में भारत यूएन के सुरक्षा परिषद (यूट्ससी) का अस्थाई सदस्य चुना गया था। इसके बाद यह पहला मौका है जब मोदी ने ऐसे किसी कार्यक्रम में अपनी बात रखी।

यूएन के आर्थिक और सामाजिक परिषद (यूएन ईनोओसी) की ओर से हर साल यह सत्र आयोजित होता है। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ ही निजी क्षेत्र, साइविक सोसाइटी और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2016 में इस परिषद की 70 वीं सालगरिह पर भी भाषण दिया था।

जून में भारत यूएन की सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया था
भारत जून में 8 साल में 8 वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया था। वोटिंग में महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 184 देशों ने भारत का समर्थन किया था। भारत के साथ आईटी, मेक्सिको और भारत भी अस्थाई सदस्य चुने गए थे। वर्तमान में भारत दो साल के लिए यूएन का अस्थाई सदस्य है। इसके पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में भारत में यह जिम्मेदारी निभाई गई है।

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By GAUTAM

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