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  • न्यूज़ीलैंड कोरोनावायरस न्यूज़ के अपडेट्स: प्रधान मंत्री जैकिंडा अर्डर्न कहते हैं कि एक ही परिवार में चार लोग संक्रमित हुए

ऑकलैंडएक घंटा पहले

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न्यू के वेलिंग्टन शहर में एक हाईवे पर कार सवार की जानकारी लेती स्वास्थ्य वर्कर। यहां हर 20 किलोमीटर पर एक चेक प्वाइंट लगाया गया है। (फाइल)

  • प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने खुद इस मामले की जानकारी मीडिया को दी
  • पीएम ने कहा- हमारे पास इन हालात से निपटने के लिए एक इमरजेंसी प्लान है

तमिलनाडु में 102 दिन पहले बार कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया। एक ही परिवार के चार लोग संदिग्ध पाए गए हैं। प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने खुद मीडिया को इसकी जानकारी दी। जेसिंडा ने यह भी कहा कि देश के पास इस तरह के हालात से निपटने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार है। अब तीन दिन ऑकलैंड में लॉकडाउन रहेगा।

बता दें कि न्यू सरकार ने कोरोना के हालात से निपटने के लिए चार स्टेप वाला प्लान किया था। इतना ही नहीं जब देश में को विभाजित -19 के हालात सुधर गए तो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भी रणनीति तैयार की जाए।

एक परिवार के चार लोग

स्वास्थ्य मिनिस्ट्री और इन्फेक्शन डिसीज के एक्सपर्ट्स डॉ। एलेस ब्लूमफील्ड ने कहा- एक परिवार के छह लोगों को टेस्ट कराया गया था। इनमें से चार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ये एक व्यक्ति की उम्र 50 साल से कुछ ज्यादा है। हमने जो इमरजेंसी योजना बनाई है, उसे लागू करने जा रहे हैं। इसके लिए लोकल नेटवर्क को सक्रिय कर दिया गया है। सभी मेंबर्स के दो बार टेस्ट कराए गए। दोनों ही बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

त्रिकोणीय हिस्टरी नहीं, इसलिए फेरो

मामला ऑकलैंड का है। पॉजिटिव पाए गए किसी व्यक्ति की कोई हालिया तिमाही हिस्ट्री नहीं है। उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को आईसोलेट होने के लिए कहा गया है। नियमों के मुताबिक, अब उस पूरे क्षेत्र को विभाजन जोन घोषित कर दिया जाएगा। साथ ही पूरे ऑकलैंड में तीन दिन लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान केवल सरकारी कर्मचारी ही कहीं आ सकता है या होगा। आवश्यक सामान की गृह पेशकश की जाएगी।

4-लेवल उपस्थिति प्रणाली बनाई

23 मार्च को न्यूयॉर्क की प्रधानमंत्री आर्डर्न ने देश को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था, देश हमारे देश में अभी कोरोना के 102 मामले हैं। लेकिन, इतने ही मामले कभी इटली में भी थे। ‘ ये कहने का मकसद एक ही था कि अभी नहीं संभल तो बहुत देर हो जाएगी। ‘वहां की सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए 4-लेवल रिव्यू सिस्टम बनाया। जितना लेवल, उतनी ज्यादा सख्ती, उतना ही ज्यादा।

21 मार्च को जब सरकार ने इस समीक्षा प्रणाली को इंट्रोड्यूस किया, तब वहां लेवल -2 रखा गया था। उसके बाद 23 मार्च की शाम को लेवल -3 और 25 मार्च की दोपहर को लेवल -4 यानी लॉकडाउन लगाया गया। चीन में जब लॉकडाउन लगा तो वहां कोरोना के 205 मरीज थे और भारत में जब लॉकडाउन लगा, तब यहां 571 मरीज थे।

कोरोना पॉजिटिव रोगियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की

टीवी में अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता है, तो वहां की सरकार 48 घंटे के अंदर उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करती है। यानी, किसी व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसके सभी करीबी रिश्तेदारों-दोस्तों को कॉल किया जाता था और उन्हें देखने का मौका मिलता था। ऐसा इसलिए ताकि लोग खुद ही टेस्ट करवा लें या सेल्फ-क्वारंटाइन में चले जाएं।

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By GAUTAM

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