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  • पाकिस्तान इमरान खान तानिया Aidrus जफर मिर्जा | पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान तानिया ऐद्रूस और जफर मिर्जा ने इस्तीफा दिया।

इस्लामाबाद19 मिनट पहले

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बाईं ओर डॉ। जफर मिर्जा और रायँ ओर तानिया इरदौस हैं। दोनों इमरान खान के विशेष असिस्टेंट और एडवाइजर थे। उसने बुधवार की रात को फिर से दिया। (फाइल)

  • तानिया इरदौस इमरान की करीबी मानी जाती हैं, उनके पास डिजिटल पाकिस्तान की जिम्मेदारी थी
  • डॉ। जफर मिर्जा स्वास्थ्य और अन्य मामले देखते थे, उनके पास करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी थी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को विपक्ष के विरोध के आगे घुटने टेकने पड़े। उनके दो विशेष एड्वजर्स ने बुधवार रात को रेफ़े दे दिए। ये हैं- डिजिटल पाकिस्तान प्रोजेक्ट की हेड तानिया इरदौस और हेल्थ एंड काउंटर केस के शेफ डॉ। जफर मिर्जा। इमरान के कुल 15 स्पेशल असिस्टेंट हैं। इनमें से 7 के पास दोहरी नागरिकता और करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी है। एक जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद विपक्ष ने उन्हें हटाए जाने की मांग कर रहा था। सरकार इनकी वजह से दबाव में है।

Google में बने हुए हैं तानिया
तानिया इरदौस गूगल में एग्जीक्यूटिव बने हुए हैं। दो साल पहले जब इमरान खान प्रधान बने तो तानिया को पाकिस्तान वापसी और एक विशेष परियोजना संभालने का प्रस्ताव दिया गया। तानिया के पास अमेरिकी नागरिकता भी है। तानिया ने पिछले साल दिसंबर में डिजिटल पाकिस्तान का जिम्मा संभाला। तानिया पर आरोप है कि उन्होंने इस परियोजना से जुड़े अनुबंधों के बारे में अपने लोगों और परिवारवालों को दिया। कुछ महीने पहले ये साफ हो गया कि तानिया के प्रोजेक्ट में धांधली हो रही है।

विपक्षी का मो
इमरान के कुल 15 विशेष असिस्टेंट और एडवाइजर्स में से 7 के पास पाकिस्तान के अलावा दूसरे देशों की नागरिकता भी है। इमरान जब विपक्ष में थे तो दोहरी नागरिकता का विरोध करते थे। इसके पुराने वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इमरान ने पहले कहा था- दोहरी नागरिकता वाले देश से धोखा कर सकते हैं। तानिया और जफर ही नहीं इमरान के लगभग हर दोहरी नागरिकता वाले एडवाइजर के पास करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी है और ये सभी विदेश में हैं। लिहाजा, इमरान पर विपक्ष का दबाव बढ़ रहा है।

कुछ और resef तय हो
तानिया और जफर के बाद यह तय माना जा रहा है कि इमरान के कुछ और एडवाइजर या तो रिजफा करेंगे या उन्हें छोड़ देंगे। बताया जाता है कि सेना भी इस मामले में इमरान सरकार का बचाव नहीं कर पा रही है। पिछले दिनों आर्मी चीफ बाजवा ने कहा था- दोहरी नागरिकता वाले लोग जब सांसद या सरकार नहीं अफसर बन सकते हैं तो हमें इस बारे में सोचना होगा। तब ही यह माना जाने लगा था कि इमरान को दोहरी नागरिकता वाले लोगों को हटाना पड़ेगा।

उनके पास दोहरी नागरिकता है
नदीम बब्बर: याचिका मामलों के सलाहकार। अमेरिकी नागरिकता भी है।
सैयद जुल्फिकार अब्बास भंडारी: विदेशी मामलों के सलाहकार। ब्रिटेन की सिटीजनशिप भी है।
शहजाद कासिम: बिजली क्षेत्र के मामलों के सलाहकार अमेरिकी नागरिकता भी है।
तानिया एस। अरदौस: डिजिटल मामलों के सलाहकार। कनाडा की भी नागरिकता है।

इन तीन के पास रेसीडेंस परमिट है
शहबाज गिल: राजनीतिक सलाहकार। अमेरिका में अस्थायी निवास का परमिट।
मोईद यूसुफ: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार। अमेरिका के अस्थायी नागरिक।
नदीम अफजल गोंडल: संसदीय मामलों के सलाहकार। कनाडा के अस्थायी नागरिक।

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By GAUTAM

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