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  • पाकिस्तान ISI | पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई फ्रांस और थाईलैंड सहित कई देशों में अपराध सिंडिकेट का उपयोग कर रही है।

बैंकॉक10 घंटे पहले

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फोटो बैंकॉक स्थित पाकिस्तान एम्बेसी की है। थाईलैंड की खुफिया एजेंसी के मुताबिक, ISI के जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके सीधा तार इस एम्बेसी से जुड़े हैं। एम्बेसी के अफसर लोकल क्रिमिनल्स के संपर्क में थे। (फाइल)

  • ग्लोबल वॉच एनालिसिस की रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड और फ्रांस में आईएसआई के कुछ लोग गिरफ्तार किए गए हैं
  • ISI इन लोगों को जाली कोड मुहैया कराती है, इसके लिए एम्बेसी का इस्तेमाल किया जाता है

पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने हित साधने के लिए कई देशों में अपराधियों का इस्तेमाल कर रही है। फ्रांस और थाईलैंड में आईएसआई से जुड़े कई लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी जाली दस्तावेज के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे कामों के साथ कट्टरता भी फैला रहे थे। जांच एजेंसियों के लिए फरो की बात यह है कि ये गलत कामों के लिए पाकिस्तान की एम्बेसी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक गिरफ्तारी से खुल गया राज
थाईलैंड की इंटेलिजेंस यूनिट ने पिछले दिनों पाकिस्तानी नागरिक वकार शाह को गिरफ्तार किया था। इस पर कई दिनों तक नजर रखी गई। शाह मनी लॉन्ड्रिंग, जाली पास, ड्रग्स सहित कई गैरकानूनी काम कर रहे थे। 2012 में इसने बैंकॉक में अमेरिकी दूतावास के सामने प्रदर्शन भी किया था। शाह से पूछताछ के बाद इरान के हामिदारेआ जाफ्रे और पांच अन्य पाकिस्तानियों को भी गिरफ्तार किया गया।

जाफ्रे की खोज चार देशों को
रिपोर्ट के मुताबिक, जाफरे ने बताया कि वह शाह के लिए काम करता है। ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की पुलिस को उसकी तलाश है। ये लोग जाली मार्गों के जरिए पाकिस्तानियों को ऑस्ट्रेलिया और यूरोप भेजते थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक का नाम गोहर जमान है। जमान ने हस्तक्षेप में हैरान कर देने वाले खुलेसे किए।

गलत कामों के लिए एम्बेसी का इस्तेमाल किया जाता है
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी लोग पेशेवर अपराधी हैं। ISI इनका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहा था। इसके लिए उन्हें पैसा दिया जाता है। चिंता की बात यह है कि ये लोग पाकिस्तान की एम्बेसी से सीधे जुड़े थे। शाह ने बैंकॉक में एक रेस्तरां भी खोला था। इसमें एम्बेसी के लोग लगभग रोज आते थे।

फर्जी नाम से थाईलैंड में एंट्री
विशेष बात ये है कि शाह को 2018 में थाईलैंड ने पांच साल के लिए देश निकाला दिया था। दो साल बाद वे सैयद वकार अहमद जाफरी के नाम से फर्जी पास बनवाकर फिर यहां पहुंच गए। हालांकि, कुछ दिनों बाद जांच एजेंसियों को इसका पता लगा। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

फ्रांस में भी यही हुआ है
फ्रांस की राजधानी परिषद में भी एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया। इसके भी एम्बेसी से सीधे संबंध हैं। मामला इतना गंभीर है कि पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति की अब तक पहचान उजागर नहीं की है। इसके तार पुर्तगाल और बेल्जियम तक फैले हैं। इस पर फर्जी पास और ड्रग तस्करी के आरोप हैं। हस्तक्षेप में इसने ISI एजेंट होने की बात मानी है।

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By GAUTAM

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