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PATNA : राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के करीबी और RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) नाराज हैं. बताया जा रहा है कि वे लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के पूर्व सांसद रामा सिंह (Rama Singh) को आरजेडी (RJD) में शामिल कराने की तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की कोशिशों से खफा हैं. बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में रामा सिंह ने रघुवंश प्रसाद सिंह को हरा दिया था. ऐसा माना जा रहा है कि अब जब बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections ) से पहले तेजस्वी द्वारा रामा सिंह को आरजेडी में लाने की कोशिश हो रही है तो उनकी नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई. बताया जा रहा है कि यही प्रमुख वजह है जिस कारण उन्होंने जून में पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही दो और भी वजहें हैं जो आरजेडी के इस कद्दावर नाराजगी का सबब माने जा रहे हैं. एक तो ये कि 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद से वे अपनी ही पार्टी में राजनीतिक तौर पर हाशिए पर हैं. इसके बावजूद उन्हें उम्मीद थी इस साल उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा. मगर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता को राज्यसभा भेज दिया.

एक वजह ये भी है कि रघुवंश प्रसाद सिंह आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं और इसी वजह से उनकी नाराजगी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी है. बताया जा रहा है कि दिल्ली एम्स में इलाजरत रघुवंश प्रसाद सिंह को मनाने के लिए रविवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने उनसे मुलाकात की थी और अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया था. बावजूद इसके रघुवंश प्रसाद सिंह नहीं माने. रघुवंश प्रसाद सिंह ने न्यूज़ 18 से फोन पर बातचीत में कहा कि हमने एक बार जो फैसला कर लिया तो हम पीछे नहीं हट सकते हैं. हमने ना तो कभी अपने सिद्धांतों से समझौता किया है और ना ही आगे करेंगे. रघुवंश प्रसाद सिंह ने बताया कि तेजस्वी यादव ने एम्स में आकर मेरे स्वास्थ्य का हालचाल जाना जो मुझे अच्छा लगा लेकिन हमने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया है, और उसे हरगिज़ वापस नहीं लेंगे. वहीं इस बीच आग में घी का काम ये भी कर रहा है कि रामा सिंह ने साफ कह दिया है कि उनकी आरजेडी में एंट्री तय है और उन्हें कोई रोक नहीं सकता है. न्यूज 18 से बात करते हुए पूर्व सांसद रामा सिंह (Rama Singh) ने कहा कि उनकी बात राजद (RJD) के बड़े नेताओं से हो चुकी है और जल्दी ही पार्टी में उनकी एंट्री को हरी झंडी मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि मैंने राजद में शामिल हो जाऊंगा यह तय कर लिया है.

रामा सिंह ने राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उनका राजद में क्या योगदान है इसकी मुझे भी पूरी जानकारी है. राजद में रह कर कभी रामविलास पासवान का विरोध किया तो महगठबंधन में रह कर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का, अब नीतीश कुमार अच्छे लग रहे हैं. उनकी नाराजगी मुझसे क्यों है मुझे नहीं पता. लेकिन मुझसे कभी आगे नहीं निकल पाए इस बात की नाराज़गी हो सकती है. News 18 से बात करते हुए रामा सिंह ने कहा कि रघुवंश सिंह राजद को कितना फ़ायदा दिला पाएंगे पता नहीं, लेकिन मैंने लम्बे समय तक जनता की सेवा की है ये लोगों को अच्छे से मालूम है. रघुवंश सिंह पार्टी में क्या करेंगे पता नहीं, लेकिन मुझे पार्टी से हरी झंडी मिल गई है. बस समय का इंतज़ार है और राजद में शामिल हो जाऊंगा. बहरहाल इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि रघुवंश प्रसाद सिंह सीएम नीतीश कुमार के नाम पर जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो सकते हैं. JDU ने भी ने ऐसे किसी भी संभावना का स्वागत किया है और राजद पर रघुवंश प्रसाद सिंह का अपमान करने का आरोप लगाया है. आरजेडी के प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह ने साफ कहा है कि अगर रघुवंश प्रसाद सिंह आरजेडी छोड़कर जनता दल यूनाइटेड में शामिल होना चाहेंगे तो इससे हमें खुशी होगी और हम इसका स्वागत करेंगे. वहीं, आरजेडी को उम्मीद है कि लालू प्रसाद यादव की दखल के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह मान जाएंगे और आरजेडी में ही रहेंगे. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि वे सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी है. हमें विश्वास है कि वह इस लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देंगे. बहरहाल राजनीति कयासबाजियों के बीच रघुवंश प्रसाद सिंह के तेवर अब भी तल्ख हैं. अब देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या इस मामले में लालू प्रसाद यादव दखल देते हैं या नहीं?



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