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  • उत्तर कोरिया में महामारी के 7 महीने बाद मिला संदिग्ध रोगी, तानाशाह किम जोन ने दक्षिण कोरिया से सटे शहर में आपातकाल लगा दिया

6 मिनट पहले

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यह फोटो 25 जुलाई की है, जो नॉर्थ कोरिया के सरकारी मीडिया ने जारी की है। संदिग्ध मिलने के बाद किम जोंग ने इमरजेंसी बैठक में अफसरों से टॉप क्लास जासूस जारी करने को कहा।

  • आश्रय एक भगोड़ा है, वह तीन साल पहले उत्तर कोरिया को छोड़कर भाग गया था, 19 जुलाई को बॉर्डर पार कर देश में घुसा।
  • मामले का पता चलते ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने शनिवार को पोलित ब्यूरो की इमरजेंसी बैठक बुलाई

कोरोना महामारी शुरू होने के लगभग 7 महीने बाद नॉर्थ कोरिया में संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला सामने आया। इसे गंभीरता से लेते हुए तानाशाह किम जोंग उन ने दक्षिण काेरिया से सटे कीसॉन्ग शहर को लॉकडाउन करने का आदेश दिया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, संदिग्ध परिस्थितियों में भगोड़ा है। तीन साल पहले नॉर्थ कोरिया को छोड़कर भाग गया था। वह 19 जुलाई को अवैधकानूनी तरीके से सीमा पार कर देश में पहुंचा था।

मामले का पता चलते ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने शनिवार को पोलित ब्यूरो की इमरजेंसी बैठक बुलाई। इसमें कीसॉन्ग में इमरजेंसी लगाने के साथ ही टॉप क्लास रिव्यू जारी करने का फैसला किया गया। अब उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो इस संदिग्ध के संपर्क में आए हैं। ये सभी को क्वारंटाइन किया जाएगा।

पुष्टि होने पर देश का पहला आधिकारिक मामला होगा
अगर मामले की पुष्टि होती है तो यह नॉर्थ कोरिया का पहला आधिकारिक मामला होगा। नॉर्थ कोरिया इस साल जनवरी में पड़ोसी देश चीन में संक्रमण फैलाने के बाद सतर्क हो गया था। किम ने सभी बॉर्डर सील कर दिए थे। इससे हजारों लोग आइसोलेशन में चले गए थे। राजधानी प्योंगयांग में काम करने वाले सभी अफसरों के लिए भी एक महीने का क्वारंटाइन जरूरी कर दिया था। हालाँकि, इस बीच यहाँ अंतराल पहुँचने की अपुष्ट खबरें भी कई बार सामने आई थीं।

महामारी से देश पर पड़ने का असर हो सकता है

उत्तर कोरिया कोरियाई दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिन्होंने महामारी से बचने के लिए सबसे पहले कदम उठाए। देश की अर्थव्यवस्था चीन से होने वाले व्यवसाय पर चलती है। इसके बावजूद इसने खतरे को देखते हुए चीन से होने वाला व्यापार पूरी तरह से रोक दिया। इस कारण से इसकी कमाई पहले से कम हो गई है। यहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं दूसरे देशों की तुलना में बेहतर नहीं हैं। अब अगर महामारी फैलती है तो नार्थ कोरिया पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

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By GAUTAM

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