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  • पोस्टल वोट को प्रभावित करने के लिए ट्रम्प का कदम कमजोर करने के लिए एक साजिश थी, डाक सेवा को कमजोर कर दिया ताकि विरोधियों को वोट न दिया जा सके

न्यूयॉर्क28 मिनट पहले

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ट्रम्प पर आरोप लग रहे हैं कि वे पोस्टल सर्विस (यूएसपीएस) को कमजोर कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ वोट न डाल सकते हैं। -फाइल फोटो

  • अमेरिकी चुनावों में डाक से हाे सकती है 50% वाेटिंग, ट्रम्प टाल सकते हैं डाक विभाग की फंडिंग
  • ट्रम्प के मददगार पोस्ट मास्टर जनरल की कांग्रेस में कल पेशी

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में अब सिर्फ 73 दिन बचे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण जहां डाक से वोटिंग की तैयारी हो रही है। वहीं, हार के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की डाक वोटिंग को रोकने की चाल अब पूरी तरह से फेल होने वाली है।

ट्रम्प पर आरोप लग रहे हैं कि वे पोस्टल सर्विस (यूएसपीएस) को कमजोर कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ वोट न डाल सकते हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अगर डाक द्वारा वोटिंग हुई तो फर्जी वोट पड़ सकते हैं। दरअसल, ट्रम्प द्वारा नियुक्त यूएस पास्टल सर्विस (यूएसपीएस) के पोस्ट मास्टर जनरल (पीएमजी) लुइस डीजॉय ने मंगलवार को वे सभी बदलाव रद्द कर दिए, जो वे लागू करने वाले थे।

उन्होंने देशभर, खासतायर पर झूले स्टेट्स में पैटेस्ट ऑफिसों से प्रसंस्करण उपकरण और जगह-जगह लगे हुए नीले रंग के पोस्टर कलेक्शन बॉक्स हटाने का आदेश दिया था। यह भी कहा गया था कि सभी मेल प्रसंस्करण सेवा बंद की जाएगी और कर्मचारियों के अतिविचार पर भी पाबंदी लगेगी।

विपक्ष ने लगाया आरोप

विपक्ष का आरोप है कि अगर यूएसपीएस ये पाबंदी लगा देता है तो ट्रम्प के खिलाफ पड़ने वाले वोट कम हो जाते हैं और जो पड़ते हैं, वो काउंटिंग के लिए समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। इस विवाद के कारण केवल 17 अगस्त को अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पैलासी ने कांग्रेस सदस्यों की मांगों को रद्द कर उन्हें वापस बुलाने का आदेश जारी कर दिया था, ताकि एक विधेयक पर मतदान हो सके, जिससे डीजॉय के द्वारा किए जा रहे डाक सेवाओं में बदलाव हो सके। को रोका जा सकता है।

कोरोना की वजह से 50% वोटिंग पोस्टल होने की उम्मीद

कोरोना संक्रमण की वजह से माना जा रहा है कि 50% वोटिंग डाक द्वारा की जाएगी और वोट को डाक द्वारा समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी यूएसपीएस के अलावा किसी और को नहीं दी जा सकती है। स्टेशनरी, विंस्कांसिन और मिशिगन जैसे कुल 9 राज्य हैं, जो चुनावी बिसात बदल सकते हैं क्योंकि यहां स्विंग शीटरों की संख्या कहीं अधिक है, जो किसी भी पार्टी के कट्टर वेटर नहीं हैं।

इसके अलावा वे क्षेत्र जहां अश्वेत ज्यादा हैं, वहां ट्रम्प को वोट मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में अगर डीजॉय का कार्यक्रम लागू कर दिया जाता है, तो विपक्ष में पड़ने वाले वोट पोस्ट बॉक्स हटा देने की वजह से डाक के माध्यम से पड़ते ही नहीं। अगर गिरने भी जाते हैं, तो प्रसंस्करण उपकरण हटा लेने की वजह से डाक मतपत्रों की शॉर्टिंग और क्लीनिंग में में देरी होती है जिसकी वजह से इस समय पर काउंटिंग के लिए पहुंच ही नहीं पाते हैं।

कोरोना संक्रमण की वजह से यहां अश्वेत, गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों में से एक बड़ा हिस्सा वोट देने के लिए लाइन में लगने को राजी नहीं है। इस कारण से ट्रम्प को फायदा हो सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि इन्हीं कारणों से ट्रम्प ने यूएसपीएस के फंड को रोक रखा है। यूएसपीएस के मसले से बिडेन को फायदा होना दिख रहा है। डेमोक्रेट्स ये प्रचारित कर रहे हैं कि ट्रम्प हार के डर से गरीब लोगों को वोट देने से रोकना चाहते हैं।

पीएमजी बने डीजॉय ने ट्रम्प के लिए सबसे ज्यादा चंदा इकट्ठा किया था

डेमोक्रेटिक पार्टी का चार्ज है डोजॉय ट्रम्प के करीबी हैं और उनके लिए सबसे ज्यादा चंदा इकट्ठा करते हैं। वे हाई प्वाइंट नामक लॉजिस्टिक कंपनी के सीईओ भी हैं। उन्हें डाक सेवा में एक दिन का भी अनुभव नहीं है। उनकी नियुक्ति एकिंग है तो कोरोना काल में हो रहे चुनाव में अश्वेतों का वोट काउंटिंग तक न केवल संभव हो सकता है।

– रिसर्च इनपुट रितेश शुक्ल

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By GAUTAM

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