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  • यूएस चाइना न्यूज | चीन ने सैन फ्रांसिस्को अपडेट का विरोध किया: संयुक्त राज्य के अधिकारियों द्वारा सैन्य महिला का पता लगाया

वॉशिंगटन / बीजिंग13 मिनट पहले

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तांग की यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें वह चीनी सेना की वर्दी में नजर आ रही है। वर्तमान में, तांग जुआन एफबीआई की हिरासत में है। जांच भी शामिल हो सकती है।

  • महिला का नाम तांग जुआन है, रिपोर्ट्स के मुताबिक- जुआन दो या तीन साल से अमेरिका में था
  • उन्होंने नामी यूएस डेविस रिसर्च रायपुर में बतौर असिस्टेंट काम किया, इसकी आड़ में जासूसी करती रही

अमेरिका में जासूसी के मंसूबे पालने वाला चीन अपने ही जाल में फंस गया। ये भी साबित हो गया कि शी जिनपिंग और उनकी फौज डिप्लोमैटिक स्टेटस का भेदभावायज इस्तेमाल जासूसी करते हैं। एफबीआई ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात लगभग 3 बजे सैन फ्रांसिस्को की डिप्लोमैटिक फेसेलिटी से तांग जुआन (37) को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ​​देश में तीन और चीनी जासूसों की तलाश कर रही हैं। देश की सीमाओं पर मौजूद अफसरों को खोजने पर रहने को कहा गया है।

तांग जुआन: पहले यह जान
मूल पेशा चूंकि जासूसी है। लिहाजा, बहुत जानकारी सामने नहीं आई है। बीजिंग में इसने जीव विज्ञान से ग्रेजुएशन किया। वहाँ चीनी सेना के रायपुर में काम करने लगी। इसके बाद अमेरिकी अंजज में अंग्रेजी बोलना सीखा। जासूसी की ट्रेनिंग ली। अमेरिकी वीजा बना और न्यूयॉर्क पहुंच गया। अमेरिका के नामी डेविस रिसर्च रायपुर में बतौर असिस्टेंट जॉब मिली। यह तो पार्ट टाइम जॉब था। मिशन जासूसी ही था। वो भी दुनिया के सबसे ताकतवर देश में।

दोनों फोटो तांग जुआन की हैं। बाईं ओर वाली फोटो तब की है जब तांग बीजिंग में चीनी सेना के जापान में काम करती थी। इसी फोटो की वजह से उसकी असली पहचान उजागर हुई। दूसरी फोटो (जयं तरफ) अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वहां वह प्रॉपर पीएवी वर्दी में नजर आ रही है।

तांग पर शक कब और कैसे हुआ

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तांग को कई बार देश के अलग-अलग-अलग कॉन्सेलेट्स या डिप्लोमैटिक फैसेलिटी में जाते देखा गया है। तांग खुद सोशल मीडिया पर नहीं था। लेकिन, उसके एक दोस्त ने उसे एक फोटोग्राफर फेसबुक पर शेयर कर दी। यह फोटो तब की थी जब तांग बीजिंग के आर्मी रायपुर में काम करती थी। एफबीआई का शक पुख्ता हो गया। तांग की निगरानी सख्त कर दी गई।

क्या चीन के कॉन्स्युलेट में जाना गुनाह था
नहीं, कोई भी नागरिक वाजिब रोशनी से अपने देश की डिप्लोमैटिक फैसेलिटीज में हो सकता है। लेकिन, अगर वे वहां रहना चाहते हैं तो इसका अनुमोदन संबंधित देश की सरकार से लेना होता है। तांग सैन फ्रांसिस्को, ह्यूस्टन और टेक्सॉस के चीनी कॉन्स्युलेट्स में न सिर्फ जा रहा है, बल्कि यहां महीनों तक हो रहा है। जबकि, न तो वे डिप्लोमैटिक मिशन का हिस्सा था और न ही उसका कोई रिश्तेदार (घोषित तौर पर) था। सवाल यह कि फिर वहाँ उसका इतना आना-जाना क्यों था?

आगे क्या होगा
कुछ बातें होंगी। प्रथम- सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। उस पर वर्तमान में फ्रॉड का केस है। तफ्तीश में जासूसी के आरोप साबित करने के लिए सबूत खोजे जाएंगे। उसे सेक्रॉमेंटो जेल में रखा गया है। लेकिन, किसी और को जगह देंगे। दूसरा- चीन दुनिया में नाक बचाने के लिए किसी बेगुनाह अमेरिकी को फांस्कर जेल में डाल सकता है। आमतौर पर डिप्लोमैसी में यही होता है। हालांकि, अमेरिका इस हरकत से निपटने की तैयारी पहले ही कर चुका होगा।

तांग के कितने मददगार
ह्यूस्टन की चीनी कॉन्स्युलेट के पिछले हिस्से में डॉक्युमेंट्स जलाए गए थे। शक है कि ये कुछ कागजात ऐसे थे जो तांग और बाकी चीनी जासूसों के नेटवर्क की जानकारी दे सकते थे। इसीलिए, शुक्रवार को जब एफबीआई ने इस बोली को खंगाला तो विशेष फोरेंसिक टीम ने कई सैम्पल लिए। इसके बाद एफबीआई एजेंटों ने अपना काम किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि एफबीआई को अब तांग के तीन और मददगारों की तलाश है। इनमें से एक 27 साल की महिला बताई गई है। ये टेक्सॉस रहता है। किसी का नाम अब तक साफ नहीं किया गया है।

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1. डेडलाइन खत्म होने के बाद चीन के ह्यूस्टन कॉन्सीसुलेट में जबरदस्ती पिछले गेट से दाखिल हुए अमेरिकी एजेंट्स, अंदर से दरवाजा लॉक कर दिया गया था।

2।एफबीआई ने कहा- वीजा फ्रॉड की आरोपी चीनी साइंटिस्ट सैनफ्रांसिस्ट के चीनी कॉन्सीसुलेट में छिपी है, ट्रम्प कीनिंग- चीन की और एम्बेसी बंद कर सकते हैं।

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By GAUTAM

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