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वॉशिंगटन2 घंटे पहले

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अमेरिका के मैनचेस्टरटन में 21 जून को गरीब लोगों के लिए सहुलियतों की मांग के साथ प्रदर्शन करते पुअर पीपुल्स कैंम्पेन से जुड़े लोग थे। देश में 6 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से जूझ रहे हैं।-फाइल

  • पुअर पीपुल्स कैंपेन की रिपोर्ट में दावा- देश के गरीब वोटर्स 10 राज्यों के वोट पर्सेंटेज पर असर डाल सकते हैं
  • अमेरिका में वर्तमान में 6.3 करोड़ लोग गरीब के तौर पर रजिस्टर्ड हैं, इनमें से लगभग 50% मतदान में शामिल नहीं हैं

अमेरिका में वर्तमान में 6.3 करोड़ लोग गरीब के तौर पर रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 3.4 करोड़ ऐसे हैं जो चुनाव में वोट करने नहीं जाते हैं। मौजूदा समय में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही पार्टियां गरीब वोटरों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि, येका वोट देश के अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इन गरीबों का साथ किसी भी पार्टी को जीत को समझाने के लिए काफी होगा। अमेरिका के पुअर पीपुल्स कैंपेन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है।

पुअर पीपुल्स कैंपेन अमेरिका के एक्टिवास्ट, यूनियन और रिलीजियस लीडर्स लोगों द्वारा मिलकर बनाई गई संस्था है। यह गरीबों के हकों से जुड़े मुद्दों के लिए काम करता है। इसने इस साल देश के 13 राज्यों में कम कमाई वाले लोगों को वोटिंग में शामिल कराने की मुहिम शुरू की है।

10 राज्यों में वोट पर्सेंटेज पर असर डालने वाले गरीब हो सकते हैं

रिपोर्ट तैयार करने वाले और कोलंबिया स्कूल ऑफ सोशल वर्क के प्रोफेसर डॉ। राबर्ट पॉल हर्टले के मुताबिक, गरीब वेटर देश के 10 राज्यों के वोट पर्सेंटेज पर असर डाल सकते हैं। इनमें से पाँच राज्य ऐसे हैं जहाँ पर पहले रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जीते थे। वहीं, 5 राज्य ऐसे हैं जहां पर डेमोक्रेट्स को जीत मिली थी। अगर यह वोटिंग में शामिल होते हैं तो मिशीगन, टोक्यो, न्यू हैंपस्टार, विस्कॉन्सिन और पेन्सिलवानिया में वोट पर्सेंटेज 4 से 7 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। लेकिन, ज्यादातर कम कमाई वाले लोगों ने वोटिंग के लिए पंजीकरण ही नहीं करवाया है। ऐसे में मतदान करने में इनकी भाग बढ़ाना चुनौती है।

राष्ट्रपति चुनाव में महत्वपूर्ण गरीबी और बेरोजगारी का मुद्दा होगा

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है। इसमें गरीबी और बेरोजगारी का मुद्दा प्रमुख होगा। देश में महामारी फैलने की वजह से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीकरण करवाया है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बेरोजगारों को हर सप्ताह 600 अमेरिकी डॉलर (लगभग 45 हजार रु।) देने का एक्जीक्यूटिव नंबर जारी किया है। । देश की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है।

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By GAUTAM

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